अमेरिका के 25 राज्यों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है. इन राज्यों का कहना है कि ट्रंप ने कई देशों पर नए टैरिफ लगाकर अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल किया है. इन 25 राज्यों में लगभग सभी पर डेमोक्रेटिक पार्टी की सरकारें हैं. न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार इन राज्यों ने सोमवार को ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया. उनका कहना है कि राष्ट्रपति ने दर्जनों देशों पर जो नए टैरिफ लगाए हैं, उन्हें लगाने का अधिकार उनके पास नहीं था.
इन राज्यों ने न्यूयॉर्क स्थित अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय व्यापार अदालत में याचिका दायर की है. उन्होंने अदालत से मांग की है कि इन टैरिफ को तुरंत रोका जाए, इन्हें गैरकानूनी घोषित किया जाए और सरकार को लोगों का पैसा वापस करने का आदेश दिया जाए. 25 राज्यों के गठबंधन ने अदालत में कहा, "अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में जबरन मजदूरी की समस्या और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) द्वारा लगाए गए दुनिया भर के टैरिफ के बीच कोई सीधा और तार्किक संबंध नहीं है."
पूरा मामला समझिए
यह मामला डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पिछले महीने लगाए गए नए टैरिफ से जुड़ा है. ट्रंप ने अमेरिका के 60 व्यापारिक पार्टनर देशों पर 10 प्रतिशत से 12.5 परसेंट तक का टैरिफ लगाया था. इन्हीं देशों से अमेरिका का ज्यादातर आयात होता है. ये टैरिफ USTR की जांच के बाद लगाए गए थे. जांच में आरोप लगाया गया था कि कुछ देश सामान बनाने के लिए जबरन मजदूरी का इस्तेमाल कर रहे हैं. बता दें कि अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से ही डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया भर के व्यापार में बड़ा बदलाव कर दिया है. उन्होंने अमेरिका के दोस्तों और विरोधियों, दोनों देशों पर कई तरह के टैरिफ लगाए हैं.
पहले टैरिफ पर कोर्ट से लग चुका है झटका
ट्रंप ने जब पहले दौर के टैरिफ लगाए थे तो फरवरी में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें रद्द कर दिया था. इसके बाद ट्रंप ने दुनिया भर के देशों पर 10 प्रतिशत का एक नया टैरिफ लगा दिया था, जो जुलाई में खत्म हो गया. अब उसकी जगह धारा 301 के तहत नए टैरिफ लागू किए गए हैं. ये नए टैरिफ 24 जुलाई को लागू हुए, ठीक उसी दिन जब 10 प्रतिशत वाला पुराना टैरिफ खत्म हुआ.
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