
अमेरिकी विदेशमंत्री जॉन केरी ने स्वीकार किया है कि कुछ अमेरिकी जासूसी अभियान सीमा पार कर गए हैं। अमेरिकी जासूसी कार्यक्रमों का खुलासा होने के बाद उसे अपने सहयोगियों, खासकर यूरोपीय देशों की आलोचना का शिकार होना पड़ा है।
समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' के अनुसार, लंदन में एक कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंस के जरिये एक सवाल के जवाब में केरी ने स्वीकार किया कि कुछ मामलों में अमेरिकी खुफिया एजेंसी 'राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी' (एनएसए) की गतिविधियां सीमा से आगे चले गई हैं।
केरी ने कहा, राष्ट्रपति और मैंने कई चीजें सीखी हैं, जो कई तरीकों से हुई हैं। इसका कारण प्रौद्योगिकी है। केरी अप्रत्यक्ष ढंग से उन खबरों का हवाला दे रहे थे, जिनमें कहा गया है कि जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल सहित दुनिया भर के 35 नेताओं के फोन एनएसए टेप कर रहा था। यूरोपीय देशों के करोड़ों लोगों के फोन पर भी निगरानी रखी जा रही थी।
केरी ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसा न हो, यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बहरहाल, केरी ने एनएसए के कार्यक्रमों का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिकी निगरानी आतंकवाद विरोधी एक प्रभावी उपाय है। इससे बहुत से आतंकवादी हमलों से बचाव हुआ।
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