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This Article is From Jan 25, 2025

ट्रंप ने इजरायल और इजिप्ट को छोड़े बाकी सारे देशों की वित्तीय मदद क्यों कर दी बंद?

अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कई देशों और अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों को दी जाने वाली आर्थिक मदद पर 90 दिनों के लिए रोक लगा दी है. उनके इस फैसले का क्या असर हो रहा है, जानिए.

ट्रंप ने इजरायल और इजिप्ट को छोड़े बाकी सारे देशों की वित्तीय मदद क्यों कर दी बंद?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले का असर
नई दिल्ली:

इस वक्त दुनिया में जिस शख्स की सबसे ज्यादा चर्चा है वो हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump). ट्रंप के अमेरिका की कमान संभालते ही पूरी दुनिया में खलबली मची हुई है. ट्रंप जो फैसले ले रहे हैं, उनका असर पूरी दुनिया पर पड़ता दिख रहा है. यही वजह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के फैसले को लेकर पूरी दुनिया में हायतौबा मची हुई है. अमेरिका ने शुक्रवार को लगभग सभी विदेशी सहायता रोक दी,  इजरायल और इजिप्ट के लिए मिलिट्री मदद और इमरजेंसी छोड़कर. ट्रंप के फैसले का असर यूक्रेन पर भी पड़ा है जो कि रूस से जंग लड़ रहा है. गौर करने वाली बात ये है कि जो बाइडेन के कार्यकाल में यूक्रेन को अमेरिका की तरफ से काफी मदद की गई.

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ट्रंप के फैसले का क्या असर

ट्रंप के इस निर्देश का अर्थ यह भी है कि PEPFAR के लिए कम से कम कई महीनों के लिए अमेरिकी फंडिंग रोक दी जाएगी, जो HIV/AIDS विरोधी पहल है जो विकासशील देशों, मुख्य रूप से अफ्रीका में बीमारी के इलाज के लिए एंटी-रेट्रोवायरल दवाएं खरीदती है. 2003 में राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के कार्यकाल में शुरू की गई PEPFAR को लगभग 26 मिलियन लोगों की जान बचाने का श्रेय दिया जाता है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने आपातकालीन खाद्य सहायता के लिए अमेरिकी योगदान के लिए भी अपवाद बनाया.

प्रतिद्वंद्वी डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने कहा कि 20 मिलियन से अधिक लोग PEPFAR के माध्यम से दवा पर निर्भर हैं और 63 मिलियन लोग यूएस फंडेड मलेरिया रोकने के प्रयासों पर निर्भर हैं.

अमेरिकी विदेश मंत्री ने क्या कहा

85 दिनों के भीतर सभी विदेशी सहायता की आंतरिक समीक्षा करने को कहा गया है. रोक को उचित ठहराते हुए, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने लिखा कि नए प्रशासन के लिए यह आकलन करना असंभव था कि मौजूदा विदेशी सहायता प्रतिबद्धताएं दोहराई नहीं गई हैं, ये प्रभावी है और राष्ट्रपति ट्रंप की विदेश नीति के अनुरूप भी है या नहीं. अमेरिका लंबे समय से डॉलर के मामले में दुनिया का टॉप डोनेटर रहा है, हालांकि कई यूरोपीय देश, खासकर स्कैंडिनेविया, अपनी अर्थव्यवस्था के प्रतिशत के रूप में काफी अधिक दान देते हैं.

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ट्रंप ने राष्ट्रपति बनते ही रोक दी फंडिंग

औद्योगिक देशों को सलाह देने वाले आर्थिक सहयोग और विकास संगठन के अनुसार, अमेरिका ने 2023 में विदेशी विकास सहायता के रूप में $64 बिलियन से अधिक दिया, जिसका रिकॉर्ड उपलब्ध हैं. ट्रंप ने सोमवार को पदभार ग्रहण करते ही 90 दिनों के लिए विदेशी सहायता को निलंबित करने वाले कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन यह तुरंत साफ नहीं था कि इसे कैसे लागू किया जाएगा.

ऑक्सफैम ने कहा कि ट्रंप विदेशी सहायता के लिए  अमेरिका में लंबे समय से चली आ रही आम सहमति को छोड़ रहे हैं. ऑक्सफैम अमेरिका की अध्यक्ष एबी मैक्समैन ने एक बयान में कहा, "मानवीय और विकास सहायता संघीय बजट का केवल एक प्रतिशत है; यह जीवन बचाती है, बीमारियों से लड़ती है, लाखों बच्चों को शिक्षित करती है और गरीबी को कम करती है." उन्होंने कहा, "इनमें से कई कार्यक्रमों को निलंबित करने और खत्म करने से संकट से गुजर रहे अनगिनत बच्चों और परिवारों के लिए ये जिंदगी और मौत से जुड़ा हो सकता है."

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