वाशिंगटन:
अमेरिका के तीन महत्वपूर्ण सांसदों का कहना है कि यदि पाकिस्तान अमेरिका के साथ निकट के संबंध चाहता है तो उसे अपनी सरजमीं से आतंकियों के सुरक्षित पनाहगाह को खत्म करना होगा। पाकिस्तान पर हक्कानी समूह और क्वेटा शूरा आतंकवादी समूहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए सांसदों ने कहा है कि इन समूहों से अब और भी ज्यादा खतरा पैदा हो गया है। पाकिस्तान के एक दौरे से वापस लौटे सिनेटर कार्ल लेविन, जीन शाहीन और जेफ मर्कले ने एक संयुक्त बयान में कहा है, इन सुरक्षित ठिकानों से चरमपंथियों को सीमा पार अमेरिका, अफगानिस्तान और गठबंधन सेना पर हमला करने में सहायता मिलती है और उसके बाद वापस ये अपने पनाहगाह में लौट आते हैं। उन्होंने कहा, हमने उनसे कहा है कि यदि पाकिस्तान अमेरिका के साथ निकट के रिश्ते चाहता है तो उसे आतंकियों के इन सुरक्षित पनाहगाहों को समाप्त करना होगा। सांसदों का मत है कि गठबंधन सेना और अफगान बलों ने दक्षिण अफगानिस्तान से सफलतापूर्वक तालिबान के ठिकाने को खत्म किया है, जिसके कारण तालिबान अब अपना वर्चस्व पूर्वी अफगानिस्तान में बढ़ा रहा है। लेविन, शाहीन और मर्कले ने इस दौरे पर पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल अशफाक कयानी, प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मुलकात की।
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