- अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान के साथ युद्ध से सेना वापस बुलाने के प्रस्ताव को खारिज किया
- सीनेट में भी समान प्रस्ताव असफल रहा, अमेरिका और इजरायल लगातार ईरान पर दबाव बनाए हुए हैं
- 1973 के युद्ध शक्ति अधिनियम के तहत कांग्रेस को अप्रैल अंत तक युद्ध की घोषणा या बल प्रयोग अधिकृत करना होगा
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने गुरुवार को उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के साथ युद्ध से अमेरिकी सेना को वापस बुलाने की आवश्यकता थी, जब तक कि कांग्रेस सैन्य कार्रवाई को अधिकृत न कर दे. यह इस तरह का एक और असफल मतदान था क्योंकि रिपब्लिकन बड़े पैमाने पर ट्रंप के सैन्य अभियान का समर्थन करना जारी रखे हुए हैं. डेमोक्रेट्स ने चिंता व्यक्त की कि संयुक्त राज्य अमेरिका मध्य पूर्व में एक और लंबे संघर्ष में और अधिक उलझता जा रहा है. उन्होंने आने वाले हफ्तों में युद्ध शक्तियों पर और अधिक मतदान के माध्यम से इस मुद्दे को उठाते रहने का वादा किया.
सीनेट में भी हो चुका है फेल
213-214 मतों से यह प्रस्ताव सीनेट में इसी तरह के एक असफल प्रयास के एक दिन बाद आया. अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था, और एक नाजुक युद्धविराम अब अपने दूसरे सप्ताह में है. डेमोक्रेट्स ने ट्रंप द्वारा सैन्य बल के प्रयोग पर अंकुश लगाने के प्रयास का भारी बहुमत से समर्थन किया. न्यूयॉर्क के प्रतिनिधि और विदेश मामलों की हाउस कमेटी में वरिष्ठ डेमोक्रेट ग्रेगरी मीक्स ने कहा, “हर दिन की देरी हमें एक ऐसे संघर्ष के और करीब ले जा रही है जिससे बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं है. हम एक खाई के किनारे खड़े हैं और राष्ट्रपति के कदम उठाने से पहले कांग्रेस को कार्रवाई करनी होगी.”
रिपब्लिकन ने इस प्रयास को पाखंडी करार देने की कोशिश की.
फ्लोरिडा के प्रतिनिधि ब्रायन मास्ट ने कहा कि जब 2024 में डेमोक्रेट जो बाइडेन राष्ट्रपति थे और अमेरिका ने यमन में ईरान समर्थित हूथियों पर हमला किया था, तब कांग्रेस ने कभी भी युद्ध शक्ति प्रस्ताव पर मतदान नहीं किया था. मास्ट ने कहा, “जब जो बाइडेन व्यापारिक समुद्री जहाजों पर हमले का जवाब दे रहे थे, तब सब ठीक था. युद्ध शक्ति की कोई आवश्यकता नहीं थी. यह लगभग एक साल तक चलता रहा.” “राष्ट्रपति ट्रंप जवाब देते हैं - युद्ध शक्ति, युद्ध शक्ति, युद्ध शक्ति... यही पाखंड है.”
मई तक ट्रंप बढ़ा सकते हैं समय
1973 के युद्ध शक्ति अधिनियम के तहत, कांग्रेस को 60 दिनों के भीतर युद्ध की घोषणा करनी होती है या बल प्रयोग को अधिकृत करना होता है - ईरान युद्ध में यह समय सीमा अप्रैल के अंत तक पूरी हो जाएगी. कानून में संभावित 30 दिनों के विस्तार का प्रावधान है, लेकिन सांसदों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे चाहते हैं कि रिपब्लिकन प्रशासन जल्द ही युद्ध की समाप्ति के लिए एक योजना प्रस्तुत करें.
हालांकि सदन में मतदान विफल रहा, इसने डेमोक्रेट्स को युद्ध के कुछ सबसे नकारात्मक प्रभावों को उजागर करने का अवसर दिया: अरबों डॉलर खर्च, कम से कम 13 सैन्यकर्मियों की मौत, आसमान छूती पेट्रोल की कीमतें और उन दीर्घकालिक सहयोगियों के साथ दरार जो ट्रंप के कार्यों का समर्थन नहीं करते. वाशिंगटन से डेमोक्रेट सांसद प्रमिला जयपाल ने कहा, "मेरे गृह राज्य में पेट्रोल की कीमतें 7 डॉलर तक पहुंच गईं हैं और परिवार परेशान हैं. बिना किसी रणनीति, योजना और वापसी योजना के 10,000 अमेरिकी सैनिकों को मध्य पूर्व में पहले से तैनात 50,000 सैनिकों के साथ भेजा जा रहा है."
रिपब्लिकन सांसदों ने ट्रंप का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने ईरानी सरकार के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है, जिसने लंबे समय से मध्य पूर्व और अपने ही लोगों को आतंकित किया है. दक्षिण कैरोलिना से रिपब्लिकन सांसद जो विल्सन ने कहा, "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह संदेश दिया है कि जो लोग संयुक्त राज्य अमेरिका और हमारे सहयोगियों को धमकी देते हैं, उन्हें अंततः जवाबदेह ठहराया जाएगा." ट्रंप की सैन्य कार्रवाई पर अंकुश लगाने के लिए सदन में पहला मतदान मार्च की शुरुआत में 212-219 मतों से विफल रहा.
ये भी पढ़ें-
ब्लैक होल जेट पर वैज्ञानिकों को मिली बड़ी सफलता, कल्पना से भी परे है ताकत और स्पीड
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं