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क्या ट्रंप को महंगाई मार गई? Gen-Z के गुस्से ने भी ठोक दी ताबूत में कील, एक्सपर्ट ने समझाए असल कारण

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के नतीजों पर डॉ. धीरज कौल ने जेन-जी और यूथ के वोटिंग पैटर्न पर बात करते हुए कहा कि पेंसिल्वेनिया में डेमोक्रेट की जीत में यूथ का बड़ा रोल है. डॉ. धीरज का कहना है कि जेन-जी और यूथ ट्रंप प्रशासन से नाराज थे. उनका साफ कहना था कि हमें थर्ड वर्ल्ड वॉर से बचाईए.

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी को करारी हार का सामना पड़ा है.
NDTV
  • US मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को सीनेट और हाउस दोनों में हार का सामना करना पड़ा.
  • बढ़ती महंगाई और खराब होती अर्थव्यवस्था अमेरिकी जनता के नाराजगी के मुख्य कारण बने हैं.
  • हेल्थकेयर सेक्टर में कटौती और युद्ध नीतियों ने भी रिपब्लिकन पार्टी की लोकप्रियता को प्रभावित किया.
वॉशिंगटन:

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन को करारी हार मिली है. अमेरिकी संसद की दोनों सदन सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में ट्रंप की पार्टी हार चुकी है. विपक्षी डेमोक्रेट अब दोनों सदनों में बहुमत में है. यह ट्रंप प्रशासन और खुद राष्ट्रपति के लिए एक बड़ा झटका है. ईरान-इजरायल जंग, होर्मुज पर सख्ती, रूस-यूक्रेन युद्ध, टैरिफ वॉर सहित अन्य नीतियों ने अमेरिकियों में ट्रंप के लिए इतनी नाराजगी भर दी कि आज राष्ट्रपति रहते उनकी पार्टी दोनों सदनों में हार गई. अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन को मिली हार के कारणों की चर्चा NDTV पर करते हुए दो अमेरिकी एक्सपर्ट प्रमित माकोडे और डॉ. धीरज कौल ने कई अहम चीजों की ओर इशारा किया. 

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के नतीजों पर NDTV एक्सपर्ट की चर्चा

प्रमित माकोडे ने NDTV पर चर्चा करते हुए कहा- चुनावी नतीजे उम्मीद के अनुरुप ही है. एग्जिट पोल में भी लगभग यही अनुमान लगाया गया था. हाउस में यह पहले से तय था कि डेमोक्रेट की बड़ी जीत होगी. लेकिन सीनेट में पहले कांटे की टक्कर की बात कही जा रही थी. लेकिन नतीजों ने यह तय कर दिया कि सीनेट में भी डेमोक्रेट बहुमत में जा रही है. 

न युद्ध महत्वपूण न राष्ट्रीयता, सबसे अहम इकोनॉमी और महंगाईः प्रमित माकोडे

उन्होंने कहा कि अगर आप इस जीत का विश्लेषण करें तो कई चीजें साफ होती हैं. अमेरिकन इलेक्शन में अक्सर यह बात कही जाती है कि- 'इट्स द इकोनॉमी स्टूपिड'. अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए प्रमित माकोडे ने कहा कि न युद्ध महत्वपूर्ण है, न राष्ट्रीयता. सबसे बड़ी बात है- इकोनॉमी, महंगाई. उन्होंने बताया कि युद्ध के कारण इकोनॉमी की हालत खराब हो रखी है. महंगाई चरम सीमा पर जा चुकी है.

अमेरिका में 100 फीसदी तक बढ़ गई गैस की कीमत

अमेरिका में बढ़ी महंगाई का उदाहरण देते हुए विश्लेषक प्रतिम माकोडे ने कहा कि जनवरी में यहां एक गैलन गैस की कीमत 2 या ढ़ाई डॉलर हुआ करती थी. लेकिन एक गैलन गैस की कीमत बढ़कर 4 से 5 डॉलर हो चुकी है. मतलब कि गैस की कीमत में 100 फीसदी तक की कीमत बढ़ गई है. पेट्रोल की कीमत भी बढ़ गई है. इस वजह से ग्रासरी की कीमत बढ़ गई है. महंगाई की मार से अमेरिका के गरीब-अमीर हर वर्ग के लोग परेशान हैं. 

दूसरी बड़ी वजह प्रमित माकोडे ने मेडिकेयर हेल्थ केयर सेक्टर में बड़े कट्स को बताया. लेकिन टेक्सस और रेड स्टेट्स में जो नतीजे आए, उसे पचाना मुश्किल हैं. इस पर अभी और विश्लेषण की जरूरत है. 

डॉ. धीरज कौल ने मिडटर्म चुनाव को डेमोक्रेट की लहर बताया

वहीं डॉ. धीरज कौल ने मिडटर्म चुनाव के नतीजे को डेमोक्रेट की लहर बताया. उन्होंने कहा कि इस नतीजे के लिए अमेरिका के घरेलू मुद्दों की बड़ा रोल है.  डॉ. धीरज कौल ने अमेरिकी मिडटर्म चुनाव से पहले हुए एग्जिट पोल का हवाला देते हुए बताया कि किस मुद्दें से कितने लोग नाराज थे. 

अमेरिकी मिडटर्म चुनावः बड़े मुद्दे, जिनसे थी नाराजगी

  • इकॉनोमी- 39 प्रतिशत
  • डेमोक्रेटिक वैल्यूस- 32 प्रतिशत
  • हेल्थकेयर- 12 से 14 
  • फॉरेन पॉसिसी- 4 प्रतिशत
  • इमीग्रेशन- 14 प्रतिशत

लीगल माइग्रेशन पर चोट और नस्लीय हमलों ने भी किया बैकफायर

डॉ. धीरज कौल ने आगे बताया कि लीगल माइग्रेशन पर चोट, नस्लीय हमले से जुड़ी घटनाओं ने बहुत तगड़ा बैकफायर किया. सर्वे को माने तो 38 फीसदी लोग ट्रंप से बहुत नाराज थे. नॉर्थ कैरोलिना और साउथ कैरोलिना रिपब्लिकन का गढ़ था, जहां 20 साल से वो जीतते आ रहे थे,  लेकिन इन जगहों पर डेमोक्रेट का जीतना बताता है कि लोगों का गुस्सा कितना बड़ा था. उन्होंने यह भी बताया कई रिपब्लिकन मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं. इन लोगों ने माना कि चुनाव में ट्रंप की पार्टी का उम्मीदवार होना नुकसान दे गया. 

हमें थर्ड वर्ल्ड वॉर से बचाईए... जेन-जी में थी ये भावना

डॉ. धीरज कौल ने जेन-जी और यूथ के वोटिंग पैटर्न पर बात करते हुए कहा कि पेंसिल्वेनिया की जीत में यूथ का बड़ा रोल है. डॉ. धीरज का कहना है कि जेन-जी और यूथ ट्रंप प्रशासन से नाराज थे. उनका साफ कहना था कि हमें थर्ड वर्ल्ड वॉर से बचाईए. ईरान वॉर से 30 फीसदी लोग गुस्से में है. जॉब क्रिएशन को लेकर भी जेन-जी में गुस्सा है.  

रिपब्लिकन सीनेटर ने माना- ट्रंप की वजह से हुई हार

अमेरिकी मिड टर्म चुनाव के नतीजों पर रिपब्लिकन सीनेटर रॉन जॉनसन ने माना है कि ट्रम्प की वजह से उनकी पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा. उन्होंने रेडियो 4 के 'टुडे' कार्यक्रम में कहा कि ईरान के साथ युद्ध और खासकर इसकी वजह से ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का असर लोगों पर पड़ रहा है. लोग इसे लेकर काफी परेशान हैं.

जॉनसन ने राष्ट्रपति ट्रंप की चुटकी लेते हुए कहा, “ ट्रम्प ने वोटरों से कहा था कि वे ऐसे समझें जैसे चुनाव में उनका नाम भी उम्मीदवारों की सूची में है. लगता है लोगों ने उनकी बात मान ली और नतीजा सबके सामने है.”

एक नजर में जानिए अमेरिकी मिडटर्म चुनाव का परिणाम

  • हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स: हाउस में कुल 435 सीटें हैं और सभी सीटों पर चुनाव हुए हैं. खबर लिखे जाने तक शुरुआती रुझानों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी 231 सीटों पर आगे चल रही है. राष्ट्रपति ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी 144 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है.
  • सीनेट: सीनेट की 100 सीटों में से 35 पर चुनाव हुए हैं. आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 31 सीटों के नतीजे सामने आ चुके हैं. इनमें डेमोक्रेटिक पार्टी ने 19 और रिपब्लिकन पार्टी ने 12 सीटें जीती हैं. बाकी 4 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है. इन नतीजों को मिलाकर डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 54 और रिपब्लिकन पार्टी के पास 44 सीटें हैं.

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