अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को ऐसा झटका लगता दिख रहा है जिसकी कल्पना उन्होंने नहीं की होगी. संसद के दोनों सदनों में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का कंट्रोल जा रहा है. अमेरिका विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के नीले रंग में नहा चुका है. भले डोनाल्ड ट्रंप खुद चुनावी मैदान में नहीं थे लेकिन उनकी पार्टी उनके चेहरे पर ही चुनाव लड़ रही थी. जंग और महंगाई से अमेरिका की जनता इतनी परेशान है कि उनसे उस सीट पर भी ट्रंप की उम्मीदवार को हरा दिया है जहां 28 साल से रिपब्लिकन पार्टी का कब्जा था और जहां सहानुभूति वोट मिलने के आसार थे.
ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक बड़ा झटका यह है कि डेमोक्रेट्स ने दक्षिण कैरोलिना में अमेरिकी सीनेट की एक सीट जीत ली है, जिस पर ट्रंप की पार्टी 28 साल से अधिक समय से काबिज थी. डेमोक्रेट एनी एंड्रयूज ने रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवार डार्लीन ग्राहम को हरा दिया है. डार्लीन अपने दिवंगत भाई लिंडसे ग्राहम की जगह लेने की कोशिश कर रही थीं. सीनेटर रहते लिंडसे ग्राहम की मौत हो गई थी और सबको उम्मीद थी कि उनकी बहन को सहानुभूति वोट मिलेंगे.
डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए यह जीत बड़ी क्यों है?
डेमोक्रेट्स को सीनेट में रिपब्लिकन्स के 53-47 के बहुमत को पलटने के लिए कुल चार सीटों की जरूरत थी. यानी 4 सीटों पर खेल पलटना था. कैरोलिना से उम्मीद कम थी क्योंकि 1998 के बाद से डेमोक्रेटिक पार्टी ने इस बेहद रूढ़िवादी दक्षिणी राज्य में कोई सीनेट चुनाव नहीं जीता था. एंड्रयूज से पहले, फ्रिट्ज हॉलिंग्स आखिरी डेमोक्रेट थे जो दक्षिण कैरोलिना से सीनेट सीट के लिए चुने गए थे. उन्होंने 1998 में अपना आखिरी कार्यकाल जीता था.
2005 में उनके पद छोड़ने के बाद से, दोनों सीनेट सीटों पर रिपब्लिकन्स का कब्जा रहा है. वर्तमान में, केवल एक डेमोक्रेट, जिम क्लाइबर्न, अमेरिकी हाउस में इस राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं.
इस जीत के साथ एंड्रयूज साउथ कैरोलिना से अमेरिकी सीनेट में चुनी जाने वाली पहली महिला भी बन गईं. जुलाई में अपने सहयोगी लिंडसे ग्राहम की अचानक मौत के बाद, ट्रंप ने उनकी बहन डार्लीन को उनकी सीट पर चुना था. ट्रंप ने उन्हें कम पहचान और राजनीतिक अनुभव की कमी के बावजूद पूरे छह साल के कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने को कहा. ट्रंप के समर्थन से ग्राहम ने रिपब्लिकन नामांकन के लिए स्पेशल रनऑफ चुनाव जीता, लेकिन प्राइमरी के दौरान उन्होंने खुद माना था कि उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है.
अमेरिका में मंगलवार को मिडटर्म चुनाव हुए, जो तय करेंगे कि ट्रंप के कार्यकाल के आखिरी दो सालों में कांग्रेस (संसद) पर किसका नियंत्रण रहेगा. अभी साफ दिख रहा है कि कांग्रेस का कंट्रोल विपक्ष के पास होगा.
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