- इटली और स्पेन ने ईरान में अमेरिकी अभियानों की आलोचना की है, जिससे ट्रंप ने इन देशों से नाराजगी जताई है
- ट्रंप ने जर्मनी में अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम करने पर विचार किया है, जहां लगभग पचास हजार सैनिक तैनात हैं
- अमेरिका नाटो सहयोगियों को दंडित करने पर विचार कर रहा है, जिनका ईरान युद्ध में समर्थन कमजोर या नकारात्मक रहा है
इटली और स्पेन उन देशों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिनसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूरोप में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति की व्यापक समीक्षा के तहत अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने की धमकी दे रहे हैं. एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा कि वह "शायद" ऐसा कदम उठाने पर विचार करेंगे, और इसका संबंध ईरान में अमेरिकी अभियान की इन दोनों देशों द्वारा की गई आलोचना से जोड़ा.
द गार्जियन के अनुसार ट्रंप ने कहा, "देखिए, मैं ऐसा क्यों न करूं? इटली ने हमारी कोई मदद नहीं की है और स्पेन का रवैया बेहद खराब रहा है, बिलकुल ही खराब."
मेलोनी से ट्रंप क्यों नाराज?
दोनों देशों ने ट्रंप के मध्य पूर्व युद्ध की खुलकर आलोचना की है, और अमेरिकी राष्ट्रपति ने बार-बार इन देशों के नेतृत्व पर इस संघर्ष में शामिल होने से इनकार करने के लिए निशाना साधा है. इटली की जार्जिया मेलोनी पहले ट्रंप की एक करीबी सहयोगी थीं, मगर रोम के ईरान संघर्ष में साथ नहीं होने के फैसले के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति से अब अनबन हो गई है. ट्रंप ने कहा कि उनमें "साहस की कमी" थी - साथ ही पोप लियो के बारे में ट्रंप की "अस्वीकार्य" टिप्पणियों की उनकी आलोचना के कारण भी. मेलोनी ने अमेरिका द्वारा आवश्यक प्राधिकरण प्रक्रिया का पालन नहीं करने के बाद, ईरान युद्ध के लिए हथियार ले जा रहे अमेरिकी सैन्य विमानों को सिसिली में एक हवाई अड्डे का उपयोग करने से भी इनकार कर दिया.

जर्मनी में कितने अमेरिकी सैनिक
29 अप्रैल को ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका जर्मनी में अपने सैनिकों की संख्या कम करने पर विचार कर रहा है. यह बात जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ ईरान युद्ध को लेकर हुए विवाद के बीच सामने आई है. ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर कहा, "अमेरिका जर्मनी में सैनिकों की संख्या कम करने की संभावना का अध्ययन और समीक्षा कर रहा है, और इस पर फैसला जल्द ही लिया जाएगा.” कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस के अनुसार, 2024 में जर्मनी में अमेरिका के 35,000 से ज्यादा सैनिक थे. हालांकि अब यह संख्या बढ़कर करीब 50,000 के आसपास मानी जा रही है, जैसा कि जर्मन मीडिया में बताया गया है. जर्मनी ने भी ईरान युद्ध में मदद नहीं की, इसलिए ट्रंप उससे भी नाराज हैं.

ब्रिटेन पर भी है खतरा
अभी कुछ दिनों पहले ही रायटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका उन नाटो सहयोगियों को दंडित कर सकता है, जिनके बारे में उसका मानना है कि उन्होंने ईरान के साथ युद्ध में अमेरिकी अभियानों का समर्थन नहीं किया. इनमें स्पेन को गठबंधन से निलंबित करना और फॉकलैंड द्वीप समूह पर ब्रिटेन के दावे पर अमेरिका के रुख की समीक्षा करना शामिल है. नाम गुप्त रखने की शर्त पर ईमेल का विवरण देने वाले अधिकारी ने बताया कि इन नीतिगत विकल्पों का विवरण एक नोट में दिया गया है, जिसमें कुछ सहयोगियों की तरफ से ईरान युद्ध के लिए अमेरिका को पहुंच, सैन्य अड्डे और हवाई उड़ान अधिकार (एबीओ) देने में कथित अनिच्छा या इनकार पर निराशा व्यक्त की गई है. अधिकारी ने कहा कि ईमेल में एक विकल्प "कठिन" देशों को नाटो में महत्वपूर्ण या प्रतिष्ठित पदों से निलंबित करने की बात करता है.
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