- अमेरिका और इजराइल ईरान के खिलाफ युद्ध लगभग एक महीने बाद खत्म होने की बजाय और विकराल रूप लेने की संभावना है
- दोनों देश बैकचैनल से शांति वार्ता में लगे हुए हैं लेकिन जुबानी जंग और सैन्य तैयारियां जारी हैं
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मिडिल ईस्ट में दस हजार अतिरिक्त जमीनी सैनिक भेजने पर विचार कर रहे हैं
US Israel War against Iran: ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराल की जंग लगभग एक महीने बाद अब खत्म होने की ओर बढ़ रही है या अभी इसका और विकराल रूप लेना बाकी है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि एक तरफ तो दोनों देश बैकचैनल से शांति वार्ता में लगे हुए हैं लेकिन सामने से दोनों की एक-दूसरे पर जुबानी जंग जारी है. इतना ही नहीं खबर यह है कि दोनों देश अपनी सैन्य तैयारियों को तेज करने में लगे हैं, ग्राउंड पर आमने सामने की जंग के लिए सैनिक उतारने की तैयारी में हैं. अमेरिका जल्द 10 हजार सैनिकों को मिडिल ईस्ट भेज सकता है जबकि ईरान ने इस संदेह में 10 लाख नए फाइटर जमा कर लिए हैं कि कहीं अमेरिका उसकी जमीन पर सेना न उतार दे.
अमेरिका भेज सकता है 10 हजार सैनिक
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मिडिल ईस्ट में 10,000 अतिरिक्त जमीनी सैनिक भेजने पर विचार कर रहे हैं. इसमें कहा गया है कि पेंटागन (रक्षा विभाग का हेडक्वाटर) की तरफ से यह संभावित तैनाती ट्रंप को "अधिक सैन्य विकल्प देने के लिए है, भले ही वह तेहरान के साथ शांति वार्ता पर विचार कर रहे हों".
आउटलेट की रिपोर्ट के अनुसार, इस फोर्स में संभवतः पैदल सेना और बख्तरबंद वाहन शामिल होंगे, और यह 5,000 अमेरिकी नौसैनिकों के अलावा होगा जो पहले से ही इस क्षेत्र में तैनात किए जा चुके हैं. इसके अलावा एलीट 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के 1500 से 3000 सैनिकों के कुछ दिनों के भीतर मिडिल ईस्ट पहुंचने की उम्मीद है. यह स्पष्ट नहीं है कि सैनिकों को वास्तव में कहां तैनात किया जाएगा.
ईरान ने भर्ती कर लिए 10 लाख नए सैनिक
मिडिया रिपोर्ट के अनुसार ईरान में युवा स्वयंसेवक (वॉलंटियर्स) बड़ी संख्या में सेना भर्ती केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, क्योंकि ईरान अमेरिका के साथ संभावित जमीनी युद्ध के लिए 10 लाख से ज्यादा जमीनी लड़ाकों को तैयार कर रहा है. तेहरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने एक सैन्य स्रोत के हवाले से बताया कि इन बलों को जमा कर लिया गया है और वे युद्ध के लिए तैयार हैं. यह उस समय हो रहा है जब बसीज, इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) और सेना द्वारा चलाए जा रहे केंद्रों पर नागरिकों की संख्या तेजी से बढ़ गई है.
एजेंसी ने कहा कि ईरानी जमीनी लड़ाकों के बीच एक जोश की लहर पैदा हो गई है, ताकि ईरान की जमीन पर अमेरिकियों के लिए “ऐतिहासिक नरक” बनाया जा सके.
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