US Iran War: क्या 24 घंटे के अंदर अमेरिका-ईरान जंग खत्म होने वाली है? अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस जंग को लेकर एक बड़ा ऐलान कर सकते हैं. ट्रंप ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं. व्हाइट हाउस के मुताबिक, ट्रंप बुधवार की रात 9 बजे (भारत में गुरुवार सुबह 6.30 बजे) देश को संबोधित करेंगे और मौजूदा हालात पर अहम जानकारी देंगे. यह संबोधन ऐसे समय पर हो रहा है, जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ चलाया जा रहा सैन्य अभियान दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है. हाल के दिनों में इस संघर्ष को लेकर अमेरिकी जनता के बीच असंतोष भी बढ़ता दिख रहा है.
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिना लेविट की तरफ से इस संबोधन को लेकर जानकारी दिए जाने के पहले ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष से अमेरिकी सेना 2-3 हफ्तों में बाहर आ सकती है. उनका दावा है कि अमेरिका ने अपना मुख्य लक्ष्य, यानी ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना, पहले ही हासिल कर लिया है.
ट्रंप क्या ऐलान कर सकते हैं?
1- क्या ईरान में घुसेगी अमेरिकी सेना
रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ईरान के भीतर अमेरिकी सैनिकों को भेजने पर विचार कर रहा है. इस मिशन का उद्देश्य ईरान के अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम को सुरक्षित करना हो सकता है. बताया जा रहा है कि यह ऑपरेशन कुछ दिनों तक चल सकता है और इसमें विशेष प्रशिक्षित कमांडो बल शामिल होंगे, जिन्हें रेडियोएक्टिव सामग्री निकालने की जिम्मेदारी दी जाएगी.
हालांकि, ऐसा मिशन अमेरिकी सैनिकों को ईरान की सीमा के अंदर गहराई तक ले जाएगा, जहां उन्हें ईरानी शॉर्ट-रेंज मिसाइलों और ड्रोन हमलों का खतरा बना रहेगा.
2- क्या इजरायल को अकेला छोड़ेंगे ट्रंप?
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ जंग शुरू की थी लेकिन अब दोनों की तरफ से विरोधाभाषी बयान आने लगे हैं. एक तरफ ट्रंप किसी कीमत पर जंग से बाहर आने का संकेत दे रहे हैं तो वहीं इजरालय जंग को आखिर तक ले जाना चाहता है. इजरायली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजरायल तेहरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को आगे बढ़ाएगा, उन्होंने घोषणा की कि वह "ईरान के आतंकवादी शासन को कुचलना" जारी रखेगा. अगर ट्रंप अपने बयान के अनुसार 2-3 हफ्तों में सैन्य अभियान खत्म कर देते हैं तो इजरायल अकेला पड़ सकता है.
3- क्या पाकिस्तान-चीन फॉर्मूले पर बनेगी बात
चीन और पाकिस्तान ने मंगलवार को पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्त करने के लिए पांच सूत्री शांति प्रस्ताव रखा, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के सुरक्षित आवागमन की मांग भी शामिल है. यह शांति प्रस्ताव चीन के विदेश मंत्री वांग यी द्वारा पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार के साथ ईरान की स्थिति पर हुई बातचीत के बाद रखा गया. इन प्रस्तावों में शत्रुता तत्काल समाप्त करने, यथाशीघ्र शांति वार्ता शुरु करने, गैर-सैन्य लक्ष्यों की सुरक्षा और नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संयुक्त राष्ट्र चार्टर की प्रमुखता को बनाए रखना और उसकी रक्षा करना शामिल है. ट्रंप भले इस फॉर्मूले पर विचार करें लेकिन जंग में कूदे तीनों देशों की अलग-अलग लक्ष्य और मांगों को देखते हुए इसपर सहमत होना मुश्किल होगा.
फिलहाल, व्हाइट हाउस ने ट्रंप के संबोधन की पूरी जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें इस संघर्ष को लेकर अमेरिका की अगली रणनीति का खुलासा हो सकता है.
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