- हिमाचल प्रदेश की सीमाओं पर एंट्री टैक्स के विरोध में आज चक्का जाम का ऐलान किया गया है
- पंजाब और हरियाणा के साथ लगती हिमाचल की सीमा चौकियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बंद रखा जाएगा
- राजस्थान में पेट्रोलियम डीलर्स की हड़ताल के कारण पेट्रोल पंपों पर तेल की आपूर्ति बंद होने की संभावना
आज यानी 1 जून को देश के तीन बड़े राज्यों में सफर करने वाले आम यात्रियों के लिए बड़ी मुसीबतें लेकर आ सकता है. एक तरफ जहां हिमाचल प्रदेश की सीमाओं पर भारी एंट्री टैक्स के विरोध में आज 'चक्का जाम' का ऐलान किया गया है. वहीं दूसरी राजस्थान में पेट्रोलियम डीलर्स की हड़ताल के कारण पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा. इसके अलावा बिहार सरकार ने भी आज सुबह से ही आम जनता को महंगाई का झटका देते हुए सरकारी और प्राइवेट बसों के किराये में 10 से 15 फीसदी तक की भारी बढ़ोतरी लागू कर दी है. कुल मिलाकर, आज देश के इन तीन राज्यों में कदम रखने से पहले यात्रियों को ईंधन की किल्लत, बंद रास्तों और महंगे सफर की तिहरी मार झेलने के लिए तैयार रहना होगा.
हिमाचल की सीमाओं पर आज रहेगा चक्का जाम
हिमाचल प्रदेश की सीमाओं पर एंट्री टैक्स के विरोध में चार घंटे का चक्का जाम किया जाएगा. यह चक्का जाम सुबह 11 बजे से शुरू होगा. किसान संगठनों, ट्रांसपोर्टरों, टैक्सी यूनियनों और व्यापारियों के संयुक्त मोर्चे (संघर्ष समिति) ने पंजाब और हरियाणा के साथ लगती हिमाचल की सभी 55 से 56 सीमा चौकियों को सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक पूरी तरह बंद करने का ऐलान किया है. बाहरी राज्यों की निजी कारों के लिए टैक्स 70 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये और भारी कमर्शियल वाहनों (ट्रक/बस) के लिए इसे 600 से 900 रुपये प्रति दिन तक कर दिया गया है. अगर आप 1 जून को पंजाब या हरियाणा के रास्ते शिमला, मनाली, डलहौजी या धर्मशाला जाने की योजना बना रहे हैं, तो सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच बॉर्डर पार करने से बचें.
राजस्थान में पेट्रोल पंप डीलर्स की हड़ताल, तेल सप्लाई हो सकती है ठप
इसके अलावा राजस्थान पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने आज से प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है. डीलर्स का कहना है कि इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम जैसी कंपनियों ने तेल की 'गुप्त राशनिंग' शुरू कर दी है, जिससे हर दिन पेट्रोल पंप ड्राई हो रहे हैं. अगर सरकार से बातचीत विफल रहती है, तो पूरे राजस्थान में तेल सप्लाई ठप हो सकती है. एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में वैट में कमी भी शामिल है. मंगलवार को एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप और एक जून से पहले बैठक की मांग की.
एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भाटी ने आरोप लगाया कि बार-बार पत्र और ई—मेल भेजने के बावजूद प्रमुख सचिव स्तर पर कोई बैठक नहीं हुई. उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी समस्या पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति बाधित होना है. राज्य में कई पेट्रोल पंप रोजाना सूखे पड़े रहते हैं.
बिहार में बसों का किराया बढ़ा
बिहार में सफर करना आज से महंगा होने वाला है. एक जून से बिहार में सरकारी और प्राइवेट बसों का सफर महंगा हो रहा है. परिवहन विभाग ने किराये में 10% से 15% तक की बढ़ोतरी कर दी है. 50 किमी तक की यात्रा 15% और 300 किमी से ज्यादा की यात्रा 10% महंगी हो जाएगी. आज से नई रेट लिस्ट साधारण, डीलक्स, एसी और वॉल्वो सभी बसों पर लागू हो जाएगी. बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन ने आधिकारिक रूप से घोषणा कर दी है. फेडरेशन के अध्यक्ष उदय प्रसाद सिंह ने बताया कि किराया वृद्धि का आखिरी फैसला वर्ष 2021 में लिया गया था. पिछले तीन वर्षों में डीजल और पेट्रोल की कीमतों में लगातार तेजी आई है.
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