इस्लामाबाद:
पाकिस्तान और अमेरिका के बीच संबंधों में सभी समस्याओं के लिए मुशर्रफ की सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने बुधवार को कहा कि अमेरिका के बीच जल्दी ही आरंभ होने वाली वार्ता में उसके साथ नए संबंध जोड़ने से पहले पाकिस्तान अपनी संप्रभुता की गारंटी चाहेगा। पेशावर में संघीय कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में गिलानी ने कहा, मैं अपने देश की संप्रभुता की गारंटी चाहता हूं और भविष्य में ऐसा (नाटो हमलों जैसा) कोई एकतरफा कदम नहीं उठाया जाना चाहिए। गिलानी ने 26 नवंबर को नाटों के हमलों में कम से कम 24 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत के बाद नाटो और अमेरिका के साथ अपने संबंधों को चुस्त-दुरूस्त करने के लिए विदेश मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा पर संसदीय समिति के सुझाव मांगे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों में पाकिस्तान राजदूतों और संसदीय समितियों की ओर से दिए गए सुझावों पर दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में बहस की जाएगी। हालांकि गिलानी ने कहा कि उनकी सरकार ने अमेरिका से यह कहने का निर्णय लिया है कि बस अब बहुत हो गया और पाकिस्तान की संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अमेरिका के साथ रिश्तों में आए तनाव का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, हम अभी निराश हैं। जब वार्ता आरंभ होगी तब इन मुद्दों पर विमर्श किया जाएगा। इसके साथ ही आतंकवादियों से बातचीत के बारे में गिलानी ने कहा कि कोई आतंकवादी नहीं हैं और जो हैं उसके साथ वह या उनकी सरकार कोई बातचीत नहीं करेगी।
पूरी स्टोरी पढ़ें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
अमेरिका, गिलानी, पाकिस्तान, संप्रभुता, US, Gilani, Pakistan