
न्यूयॉर्क:
अमेरिका में न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत ने 1984 के सिख विरोधी दंगों में कथित तौर पर शामिल कांग्रेस नेताओं को ‘बचाने’ को लेकर पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी को सम्मन जारी किया है।
न्यूयॉर्क की ‘यूएस इस्टर्न डिस्ट्रिक कोर्ट’ की ओर से सम्मन जारी किया गया गया है। ‘सिख फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) तथा दंगों के दो पीड़ितों ने अदालत के समक्ष याचिका दायर की थी।
इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनुसिंघवी ने नयी दिल्ली में कहा कि इन तथ्यों के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
सिंघवी ने कहा, ‘‘घटना के 30 साल बाद उस वक्त सम्मन जारी किया गया जब कांग्रेस अध्यक्ष चिकित्सा के लिए गई हैं। अगर बहुत विनम्रता से कहें तो यह आश्चर्यजनक है। नि:संदेह उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’’
अमेरिकी कानून के अनुसार सम्मन व्यक्तिगत तौर पर सोनिया को सौंपना होगा और इसके बाद ही इसका कोई कानूनी प्रभाव होगा। कांग्रेस अध्यक्ष इस वक्त उपचार के लिए अमेरिका में ही हैं।
अतीत में एसएफजे ने पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और केंद्रीय मंत्री कमल नाथ सहित कई भारतीय नेताओं के खिलाफ इस तरह के विफल प्रयास किये हैं।
बीते 3 सितंबर को न्यूयॉर्क स्थित अदालत में एसएफजे तथा दो पीड़ितों ने एक याचिका दायर कर सोनिया पर ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ के मामले में मुकदमे से कांग्रेस नेताओं को ‘बचाने’ का आरोप लगाते हुए क्षतिपूरक और दंडात्मक हर्जाने की मांग की थी।
न्यूयॉर्क की ‘यूएस इस्टर्न डिस्ट्रिक कोर्ट’ की ओर से सम्मन जारी किया गया गया है। ‘सिख फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) तथा दंगों के दो पीड़ितों ने अदालत के समक्ष याचिका दायर की थी।
इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनुसिंघवी ने नयी दिल्ली में कहा कि इन तथ्यों के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
सिंघवी ने कहा, ‘‘घटना के 30 साल बाद उस वक्त सम्मन जारी किया गया जब कांग्रेस अध्यक्ष चिकित्सा के लिए गई हैं। अगर बहुत विनम्रता से कहें तो यह आश्चर्यजनक है। नि:संदेह उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’’
अमेरिकी कानून के अनुसार सम्मन व्यक्तिगत तौर पर सोनिया को सौंपना होगा और इसके बाद ही इसका कोई कानूनी प्रभाव होगा। कांग्रेस अध्यक्ष इस वक्त उपचार के लिए अमेरिका में ही हैं।
अतीत में एसएफजे ने पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और केंद्रीय मंत्री कमल नाथ सहित कई भारतीय नेताओं के खिलाफ इस तरह के विफल प्रयास किये हैं।
बीते 3 सितंबर को न्यूयॉर्क स्थित अदालत में एसएफजे तथा दो पीड़ितों ने एक याचिका दायर कर सोनिया पर ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ के मामले में मुकदमे से कांग्रेस नेताओं को ‘बचाने’ का आरोप लगाते हुए क्षतिपूरक और दंडात्मक हर्जाने की मांग की थी।
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