US Student Visa Rule Change: अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने विदेशी छात्रों और पत्रकारों के लिए नया नियम जारी किया है. इसके तहत कई विदेशी छात्रों और एक्सचेंज विजिटर्स को मिलने वाली पुरानी सुविधा खत्म कर दी गई है. अब स्टूडेंट वीजा पर आने वाले विदेशियों छात्रों को ज्यादा से ज्यादा चार साल तक का वीजा दिया जाएगा. अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने बताया कि F, J और I वीजा पर लागू 'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' व्यवस्था खत्म कर दी गई है. अमेरिकी सरकार का दावा है कि इस बदलाव का मकसद इमिग्रेशन सिस्टम को बेहतर बनाना, वीजा के गलत इस्तेमाल को रोकना और राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत करना है.
इसी तरह विदेशी पत्रकारों के लिए रहने की अवधि सिर्फ 240 दिन यानी लगभग आठ महीने तक सीमित होगी. लेकिन वे इतनी ही अवधि के लिए इसे बढ़ाने की अर्जी दे सकेंगे. चीनी नागरिकों को सिर्फ 90 दिन मिलेंगे और वे इसे 90 दिन और बढ़ा सकेंगे.
अमेरिकी सरकार का क्या कहना है?
DHS सचिव मार्कवेन मुलिन ने कहा कि लगभग 50 साल पुरानी व्यवस्था से राष्ट्रीय सुरक्षा कमजोर हुई है और इमिग्रेशन में गड़बड़ी की गुंजाइश बनी रही. इसलिए इसे बदला जा रहा है. उन्होंने कहा कि पहले कुछ विदेशी छात्र बार-बार नए कोर्स में दाखिला लेकर कई साल तक अमेरिका में रह जाते थे. अब तय समय सीमा होने से सरकार उनकी बेहतर जांच और निगरानी कर सकेगी. पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें अपने देश लौटना होगा.
DHS के मुताबिक, 1978 से विदेशी छात्रों के रहने की कोई तय समय सीमा नहीं थी. इसी वजह से कुछ लोग नए-नए कोर्स में दाखिला लेकर लंबे समय तक अमेरिका में रह जाते थे. अब यह व्यवस्था बदल जाएगी. पहले वीजा बढ़ाने में शैक्षणिक संस्थानों (कॉलेज-यूनिवर्सिटी) की बड़ी भूमिका होती थी, लेकिन अब अंतिम फैसला अमेरिकी सरकार करेगी.
अगर किसी छात्र या एक्सचेंज विजिटर को पढ़ाई पूरी करने के लिए ज्यादा समय चाहिए, तो उसे सीधे अमेरिकी नागरिकता और इमिग्रेशन सेवा (USCIS) में आवेदन करना होगा. इस दौरान बायोमेट्रिक जांच, बैकग्राउंड चेक और धोखाधड़ी की जांच भी होगी. नए नियम के तहत F-1 वीजा वाले छात्रों को पढ़ाई पूरी होने, कॉलेज बदलने या वीजा स्टेटस बदलने के बाद अमेरिका छोड़ने के लिए मिलने वाला समय 60 दिन से घटाकर 30 दिन कर दिया गया है.
इसके अलावा, पढ़ाई का कार्यक्रम बदलने पर भी पहले से ज्यादा सख्त नियम लागू होंगे. DHS ने बताया कि यह नियम जल्द फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित होगा और उसके 60 दिन बाद लागू हो जाएगा. जो विदेशी छात्र और दूसरे वीजा धारक पहले से 'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' के तहत अमेरिका में रह रहे हैं, वे भी नए नियम के दायरे में आ जाएंगे. नियम लागू होने के बाद उनका अधिकतम अधिकृत प्रवास चार साल तक ही होगा.
DHS का कहना है कि दूसरे कई गैर-आप्रवासी वीजा पहले से तय समय सीमा के साथ चलते हैं. अब छात्रों, एक्सचेंज विजिटर्स और मीडिया वीजा पर भी यही व्यवस्था लागू होगी.
भारत पर पड़ेगा असर
यह फैसला ट्रंप प्रशासन की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत अमेरिका इमिग्रेशन नियमों को और सख्त कर रहा है और अस्थायी वीजा पर आने वालों की निगरानी बढ़ा रहा है. अमेरिका में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों की सबसे बड़ी संख्या भारत से ही जाते है. नए नियम लागू होने के बाद भारतीय छात्रों समेत सभी विदेशी छात्रों को वीजा बढ़ाने के लिए पहले से ज्यादा सरकारी जांच से गुजरना पड़ सकता है. अगर किसी छात्र को पढ़ाई पूरी करने के लिए ज्यादा समय चाहिए होगा, तो उसे अब सीधे USCIS से मंजूरी लेनी होगी.
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