संयुक्त राष्ट्र:
भारत सहित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी 15 सदस्य देशों ने प्रतिबंधों के लिहाज से एक ऐसी सूची को मंजूर दी है, जिसमें तालिबान और अलकायदा को अलग-अलग नजरिए से देखा जाएगा। इसका मकसद तालिबान को अफगानिस्तान में सुलह के प्रयासों में शामिल करने से जुड़ा है। इस संबंध में सुरक्षा परिषद ने शुक्रवार रात पूर्ण बहुमत के साथ दो प्रस्ताव पारित किए। इनमें प्रतिबंधों को लेकर तालिबान के लिए अलकायदा से अलग एक सूची की बात की गई है। इस कदम के बाद अब अलकायदा और तालिबान आतंकवादियों को अलग-अलग पैमानों पर तौला जाएगा। सुरक्षा परिषद के इस कदम से अलकायदा और तालिबान से निपटने का रवैया भी अलग-अलग होगा। मसलन, यात्राओं संबंधी पाबंदी, संपत्ति जब्त करना और हथियारों के संबंध में प्रतिबंध को लेकर भी इन दोनों के साथ अंतरराष्ट्रीय समुदाय का अलग-अलग रुख होगा। संयुक्त राष्ट्र में भारतीय राजदूत हरदीप सिंह पुरी ने कहा, तालिबान से जुड़े अलकायदा के तत्वों, लश्कर-ए-तैयबा और अफगानिस्तान की सीमा के भीतर अथवा बाहर से संचालित दूसरे आतंकवादी संगठनों का नेटवर्क पूरी दुनिया के लिए खतरा है। इन संगठनों के बीच हाल के वर्षों में गठजोड़ और गहरा हुआ है।
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