- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में होर्मुज स्ट्रेट खोलने का बहरीन का प्रस्ताव चीन और रूस के वीटो से फेल हो गया
- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को दी गई डेडलाइन खत्म होने से पहले कड़ी चेतावनी दी थी
- बहरीन ने गल्फ कॉर्पोरेशन काउंसिल और जॉर्डन के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट खोलने का नरम प्रस्ताव पेश किया था
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए जो प्रस्ताव लाया गया था, वह पास नहीं हो सका है. इस प्रस्ताव को बहरीन लेकर आया था. लेकिन चीन और रूस ने वीटो लगाकर इस प्रस्ताव को गिरा दिया.
UNSC में होर्मुज स्ट्रेट को खोलने वाले प्रस्ताव पर वोटिंग ऐसे वक्त हुई थी, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई डेडलाइन खत्म होने में कुछ ही घंटे बाकी हैं. इससे पहले ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर कोई समझौता नहीं होता है तो ईरान की पूरी सभ्यता को आज रात खत्म कर दिया जाएगा.
इसी बीच बहरीन होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के लिए प्रस्ताव लेकर आया था. बहरीन अभी UNSC का अध्यक्ष भी है. यह उसी प्रस्ताव का हिस्सा है, जो पिछले महीने खाड़ी देशों ने UNSC में पेश किया था. खाड़ी देशों के उस प्रस्ताव में होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने के लिए 'बल प्रयोग' का इस्तेमाल करने का प्रावधान भी था. UNSC के कई सदस्यों ने इस प्रस्ताव को लेकर चिंता जताई थी. जिसके बाद इस प्रस्ताव की शर्तों को नरम किया गया.
यह भी पढ़ेंः 'तार' की धुन से शांति का संदेश... ट्रंप की धमकी के बाद ईरान के पावर प्लांट में दो दिन से बैठा कलाकार कौन है?
मंगलवार को UNSC में आए प्रस्ताव को बहरीन ने गल्फ कॉर्पोरेशन काउंसिल (GCC) के सदस्यों और जॉर्डन के साथ मिलकर तैयार किया था. मंगलवार को जब इस प्रस्ताव पर वोटिंग हुई तो चीन-रूस ने वीटो लगाकर गिरा दिया. UNSC के 15 सदस्यों में से 11 ने इस प्रस्ताव के पक्ष में वोट डाला था, जबकि चीन-रूस ने वीटो लगाया. वहीं, पाकिस्तान और कोलंबिया ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया.
इसके साथ ही होर्मुज स्ट्रेट खुलने का आखिरी रास्ता भी बंद हो गया है. वहीं, ईरान का साफ कहना है कि वह खोखले वादों के बदले में होर्मुज स्ट्रेट को नहीं खोलेगा. जबकि, ट्रंप का कहना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट को नहीं खोला जाता है तो ईरान के सभी पावर प्लांट और पुलों को उड़ा दिया जाएगा.
यह भी पढ़ेंः क्या एक रात में ईरान को 'खत्म' कर सकते हैं ट्रंप? पूरी ताकत भी लगा दें तब भी क्यों है ऐसा नामुमकिन!
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं