- ट्रंप ने ईरान को एक रात में खत्म करने की धमकी दी है, जो मंगलवार की रात को प्रभावी हो सकती है
- ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान नहीं माना तो उसके ब्रिज और पावर प्लांट नष्ट कर दिए जाएंगे
- अमेरिका और इजरायल के पास ईरान को पूरी तरह खत्म करने के लिए पर्याप्त सैन्य क्षमता नहीं है
अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग में मंगलवार की रात सबसे भारी है. वह इसलिए क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियां लगातार बढ़ती जा रही हैं. ट्रंप ने एक दिन पहले कहा था कि ईरान को एक रात में खत्म किया जा सकता है लेकिन अब वह कह रहे हैं कि पूरी सभ्यता को ही आज रात खत्म कर दिया जाएगा.
ईरान को खत्म करने की ट्रंप की धमकियां तब आ रही हैं, जब होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए दी गई उनकी डेडलाइन खत्म हो रही है. ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईरान को लेकर कहा था कि 'एक देश को एक रात में खत्म किया जा सकता है और वह रात मंगलवार की रात हो सकती है.' ट्रंप ने यह भी कहा था कि अगर ईरान नहीं मानता है तो उसके पास न तो ब्रिज बचेगा और न ही कोई पावर प्लांट.
अब मंगलवार को उन्होंने फिर बड़ी धमकी देते हुए कहा कि 'आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा. मैं नहीं चाहता कि ऐसा हो लेकिन शायद ऐसा होगा.' ट्रंप ने कहा कि आज रात हमें पता चल जाएगा.
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लेकिन क्या ऐसा कर सकता है अमेरिका?
ट्रंप दावा कर रहे हैं कि ईरान को एक रात में खत्म कर सकते हैं. लेकिन CNN ने एक मिलिट्री एनालिस्ट के हवाले से कहा है कि ट्रंप का यह दावा अमेरिका और इजरायल की क्षमताओं से मेल नहीं खाता.
ऑस्ट्रेलियाई एयरफोर्स के पूर्व अधिकारी पीटर लेटन से जब CNN ने पूछा कि अमेरिका और इजरायल 24 घंटों के भीतर सैकड़ों ईरानी प्लांट और लाखों पुलों को खत्म करने के लिए क्या-क्या जुटा सकते हैं? तो लेटन ने कुछ आंकड़े सामने रखे.
लेटन ने कहा कि अमेरिका के पास 6 B-2 स्टील्थ बॉम्बर है. इसमें 2 हजार किलो वजनी 96 बम ले जाए जा सकते हैं. अगर मान लिया जाए कि ये 6 B-2 बॉम्बर दिन में दो बार उड़ान भरते हैं तो 192 बमों ईरान पर गिराए जा सकते हैं.
इसके अलावा अमेरिका-इजरायल के पास 40 F-15 विमान हैं, जिनमें से हर एक में 2 हजार किलो के 6 बम ले जाए जा सकते हैं. इस हिसाब से F-15 से 240 और बमों का इस्तेमाल किया जा सकता है. इस तरह से अमेरिका-इजरायल के पास कुल 332 बम ही होते हैं.

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तब भी काम पूरा नहीं होगा!
लेटन ने कहा कि 332 बम सटीक वार करें तब भी शायद काम पूरा न हो पाए. उन्होंने कहा, 'बम नुकसान तो पहुंचाएंगे लेकिन पुलों को गिरा पाना मुश्किल है. पावर प्लांट भी बहुत बड़ा टारगेट होते हैं, इसलिए एक ही वार में काफी नुकसान पहुंचाना मुश्किल है. पावर प्लांट मजबूत भी होते हैं और उन्हें बनाने में ज्यादा मजबूत कंक्रीट का इस्तेमाल भी होता है.'
उन्होंने कहा कि 'अगर आप अंदर घुसकर पावर प्लांट पर बम गिरा भी देते हैं तो आप जनरेटर को नुकसान पहुंचा सकते हैं लेकिन वहां भी कोई जनरेटर ऐसे ही पड़ा हुआ नहीं मिलता.'
उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका B-1 बॉम्बर या B-52 बॉम्बर का भी इस्तेमाल करता है तो एक ही रात में पूरे ईरान को 'खत्म' कर पाना नामुमकिन है. B-1 बॉम्बर में 2 हजार किलो के 24 बम और B-52 में 20 बम ही आ सकते हैं.
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