Russia Ukraine War: रूस संघर्षविराम के बावजूद मारियुपोल पर बरसा रहा बम, यूक्रेन बोला-नागरिकों की निकासी अटकी : 10 बातें

Russia-Ukraine war: यूक्रेन का कहना है कि रूसी सेनाओं ने मास्को के समयानुसार सुबह 10 बजे फायरिंग रोक देने वादा किया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. मारियुपोल शहर को रूसी सेनाओं ने कई दिनों से घेर रखा है. वहां बिजली, पानी, भोजन की परेशानी पैदा हो गई है. भयंकर सर्दी के बीच जनताकराह रही है. रूस की इस घेराबंदी को द्वितीय विश्व युद्ध में लेनिनग्राड की नाजी सेना की घेराबंदी से तुलना की गई है.

नई दिल्ली: Russia-Ukraine war: यूक्रेन का कहना है कि रूसी सेनाओं ने मास्को के समयानुसार सुबह 10 बजे फायरिंग रोक देने वादा किया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. मारियुपोल शहर को रूसी सेनाओं ने कई दिनों से घेर रखा है. वहां बिजली, पानी, भोजन की परेशानी पैदा हो गई है. भयंकर सर्दी के बीच जनताकराह रही है. रूस की इस घेराबंदी को द्वितीय विश्व युद्ध में लेनिनग्राड की नाजी सेना की घेराबंदी से तुलना की गई है.

मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :

  1. यूक्रेन ने आरोप लगाया है कि भले ही रूस ने मारियुपोल (Mariupol) और वोल्नोवाखा शहर में संघर्षविराम का ऐलान कर दिया हो, लेकिन उसकी गोलाबारी जारी है, जिससे नागरिकों को सुरक्षित निकासी का रास्ता देने का काम नहीं हो पा रहा है. यूक्रेन ने रूस पर संघर्षविराम तोड़ने का आरोप लगाया है. रूसी हमले के बाद से अब तक 12 लाख लोग पड़ोसी मुल्कों की ओर भाग चुके हैं. इससे जनता को पांच घंटे के साइलेंस पीरियड में शहर से जाने का मौका दिया गया था.

  2. यूक्रेन का कहना है कि हम मारियुपोल शहर में मानवीय त्रासदी का सामना कर रहे हैं. हम चाहते हैं कि घेराबंदी खत्म की जाए ताकि आम जनता तक मदद पहुंचाई जा सके. शहर के मेयर वादिम बोयचेंको ने ये बात कही. उन्होंने संघर्षविराम के साथ भोजन और दवाओं की पहुंच के लिए मानवीय कॉरिडोर की मांग दोहराई.

  3. यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की शनिवार को अमेरिकी सीनेट को संबोधित करने वाले हैं. रूस के लगाताजर जारी हमले के बीच ज़ेलेंस्की ज़ूम के माध्यम से सीनेटरों से बात करेंगे. इस बीच यूक्रेन को नो-फ्लाई जोन (No-fly zone) घोषित करने से इनकार करने पर यूक्रेनियन राष्ट्रपति जेलेंस्की NATO पर भड़क गए हैं. उनका कहना है कि पश्चिमी सैन्य गठबंधन ने ऐसा न करके अब  रूसी हमलों को अनुमति दे दी है.

  4. रूस ने दस दिनों के हमले में बर्डियांस्क और खेरसान जैसे महत्वपूर्ण शहरों पर कब्जा जमाया है. खेरसान दक्षिण काला सागर के तट पर महत्वपूर्ण शहर है. लेकिन अजोव सागर के किनारे के मारियुपोल शहर पर कब्जा उसके लिए बड़ी रणनीतिक जीत साबित हो सकता है. इसके जरिये रूस यूक्रेन की समुद्री तटों तक पहुंच को पूरी तरह बंद कर सकता है. साथ ही क्रीमिया और डोनबास से आने वाले सैनिकों के बीच संपर्क भी कायम हो सकता है. 

  5. रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने 24 फरवरी को यूक्रेन पर हमले का ऐलान किया था. तभी से उसकी फौज यूक्रेन के कई शहरों में भीषण बमबारी कर रही है. इसमें सैकड़ों की संख्या में बेकसूर नागरिकों की भी मौत हुई है. यूरोप के सबसे बड़े जैपेरेजिया परमाणु संयंत्र में भी एक दिन पहले आग लग गई थी. इस हमले की चौतरफा निंदा की गई.

  6. रूस को टक्कर देने के लिए यूक्रेन ने जर्मनी से हथियारों की मांग की है. एजेंसी के मुताबिक यूक्रेन की तरफ से टैंक, पनडुब्बी और लड़ाकू हेलीकॉप्टर मांगे गए है. वहीं जर्मन रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि कई आपूर्ति शिपमेंट के लिए तैयार हैं. 

  7. भारत ने कहा कि क्वाड की बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित रहा, साथ ही यूक्रेन की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा की गयी. क्वाड के नेताओं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन, ऑस्ट्रेलियाई पीएम स्कॉट मॉरिसन और जापान के उनके समकक्ष फुमियो किशिदा ने एक वर्चुअल बैठक की थी.

  8. रूसी आक्रमण के बाद यूक्रेन से निकले 174 नाइजीरियाई लोगों का एक जत्था शुक्रवार की देर रात स्वदेश पहुंचा, अब तक संकटग्रस्त इलाके से लगभग 600 नाईजीरियाई लोग लोग वापस अपने देश पहुंच चुके हैं.

  9. यूक्रेन पर हमला बोलने के बाद अब पुतिन सोशल मीडिया पर भी लगाम लगा रहे हैं. इस बीच फेसबुक पर प्रतिबंध लगाने के बाद अब रूस ने ट्विटर पर भी प्रतिबंध लगा दिया है.ब्लूमबर्ग न्यूज ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह स्वतंत्र रिपोर्टिंग को अपराध बनाने वाले कानून के पारित होने के बाद रूस में अपने पत्रकारों के काम को अस्थायी रूप से निलंबित कर रहा है.

  10. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने सेना पर 'फर्जी खबर' के लिए एक कानून पर हस्ताक्षर किए हैं. इस कानून के तहत आरोपी को 15 साल तक की जेल हो सकती है. इससे पहले सांसदों ने इस बिल को अपनाया, जिसमें सेना के बारे में "जानबूझकर गलत जानकारी" प्रकाशित करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई और जुर्माने के प्रावधान किया गया हैं.