- ओहियो गवर्नर चुनाव में भारतीय मूल के रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी को हार का सामना करना पड़ा है
- एमी एक्टन ओहियो की पहली महिला और पिछले 20 सालों में पहली डेमोक्रेट गवर्नर बनने जा रही हैं
- विवेक रामास्वामी को डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन और भारी प्रचार मिला था, इसके बाद भी वह चुनाव हार गए हैं
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में ट्रंप की पार्टी के भारतीय-अमेरिकी रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी को बड़ा झटका लगा है. वह ओहियो के गवर्नर का चुनाव हार गए हैं. डेमोक्रेटिक एमी एक्टन ने करारी शिकस्त दी है. एमी एक्टन पिछले 20 सालों में ओहियो की गवर्नर चुनी जाने वाली पहली डेमोक्रेट और पहली महिला बनेंगी. ये जानकारी अमेरिकी मीडिया के हवाले से सामने आई है. NBC न्यूज के मुताबिक, एमी को सुबह 8:40 बजे (IST) तक 50.4 प्रतिशत और विवेक रामास्वामी को 46.3 प्रतिशत वोट मिले थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, एमी एक्टन से आगे निकलने या उनकी बराबरी में आने के लिए विवेक रामास्वामी को बचे हुए वोटों में से 53.9 प्रतिशत वोट जीतने की जरूरत है.
एमी एक्टन ने विवेक रामास्वामी को हराया
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन और भारी चुनाव प्रचार के बावजूद भी रिपब्लिकन पार्टी यह सीट हार गई. एमी एक्टन ने यह सीट डेमोक्रेट्स के नाम कर दी है. एमी एक्टन और विवेक रामास्वामी, दोनों ही गवर्नर माइक डीवाइन की जगह लेने की होड़ में थे. जानकारी के मुताबिक, इस चुनावी कैंपेन में करीब 100 मिलियन डॉलर का खर्च हुआ था.
विवेक रामास्वामी का चुनाव कैंपेन विज्ञापन
विवेक रामास्वामी के चुनाव कैंपेन में एक विज्ञापन जारी किया गया था, जिसमें एमी एक्टन की उनसे अलग रह रहीं मां उनकी आलोचना करती हुई नजर आईं. दरअसल दशकों पहले एक्टन की मां के पास से उनके बच्चों की कस्टडी चली गई थी. उनके दूसरे पति पर बचपन में एक्टन के साथ रेप करने का आरोप लगा था. उनके इस विज्ञापन की दोनों पार्टियों के नेताओं ने आलोचना की, जिसमें ओहियो के रिपब्लिकन गवर्नर माइक डीवाइन भी शामिल थे. हालांकि ट्रंप ने इसकी तारीफ की थी.जबकि ओहियो के रहने वाले उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने इसका बचाव किया था.
विवेक रामास्वामी कौन हैं?
विवेक रामास्वामी एक भारतीय-अमेरिकी हैं. विवेक के माता-पिता केरल के पलक्कड़ जिले से अमेरिका जाकर बस गए थे. उनका पूरा नाम विवेक गणपति रामास्वामी हैं.उनका जन्म 9 अगस्त, 1985 को हुआ था.वह एक अमेरिकी राजनीतिज्ञ और बिजनेसमैन हैं. विवेक ने साल 2014 में एक फार्मास्युटिकल कंपनी रोइवंत साइंसेज की स्थापना की. फरवरी 2023 में उन्होंने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के नामांकन के लिए अपनी उम्मीदवारी का ऐलान किया था. आयोवा कॉकस में चौथे स्थान पर रहने के बाद, उन्होंने जनवरी 2024 में अपना अभियान खत्म करने का ऐलान किया था.साल 2024 में, फोर्ब्स ने अनुमान लगाया कि विवेक रामास्वामी की कुल संपत्ति $960 मिलियन से ज्यादा है, जिसको वह बायोटेक और वित्तीय व्यवसायों से कमा रहे हैं. ट्रंप ने उनको अपनी सरकार में डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी' (DOGE) का सह-प्रमुख चुना था. बाद में उन्होंने अपने राजनीतिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए इस पहल से खुद को अलग कर लिया था.
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