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ट्रंप के चहेते विवेक रामास्वामी होंगे रिपब्लिकन उम्मीदवार, ओहायो के गर्वनर का लड़ेंगे चुनाव

विवेक रामास्वामी ने ओहायो गवर्नर पद के लिए रिपब्लिकन टिकट 87% वोट के साथ जीत लिया. ट्रंप समर्थित रामास्वामी अब नवंबर में डेमोक्रेट एमी एक्टन से मुकाबला करेंगे. जीत हासिल करने पर वे ओहायो के पहले भारतीय मूल के गवर्नर बन सकते हैं.

ट्रंप के चहेते विवेक रामास्वामी होंगे रिपब्लिकन उम्मीदवार, ओहायो के गर्वनर का लड़ेंगे चुनाव
फाइल फोटो
  • विवेक रामास्वामी ने ओहायो गवर्नर पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी का टिकट प्राथमिक चुनाव में 87 प्रतिशत वोट से जीता.
  • राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन से रामास्वामी ने अपने प्रतिद्वंद्वी केसी पुट्श को हराया.
  • गर्वनर पद के लिए नवंबर में रामास्वामी का मुकाबला डेमोक्रेट उम्मीदवार एमी एक्टन से होगा.

भारतीय मूल के अमेरिकी अरबपति बिजनेसमेन विवेक रामास्वामी ने ओहायो गवर्नर पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी का टिकट शानदार अंदाज में जीत लिया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खुले समर्थन के साथ मैदान में उतरे रामास्वामी ने प्राथमिक चुनाव में 87 प्रतिशत वोट हासिल कर अपने प्रतिद्वंद्वी केसी पुट्श को करारी शिकस्त दी.

2024 के राष्ट्रपति चुनाव में खुद ट्रंप के खिलाफ दावेदारी पेश करने वाले रामास्वामी ने बाद में मैदान छोड़कर ट्रंप का समर्थन किया था. यही रणनीतिक बदलाव उन्हें ट्रंप कैंप का प्रमुख चेहरा बना गया.

अब नवंबर में कड़ी टक्कर, सामने एमी एक्टन

अब रामास्वामी का ध्यान नवंबर में होने वाले आम चुनाव पर है, जहां उनका मुकाबला डेमोक्रेट उम्मीदवार एमी एक्टन से होगा. एक्टन को अपनी पार्टी में बिना विरोध के टिकट मिला है, जिससे मुकाबला सीधा और अहम बन गया है. हालांकि ओहायो लंबे समय से रिपब्लिकन का मजबूत गढ़ रहा है, पिछले 35 वर्षों में यहां कोई डेमोक्रेट गवर्नर नहीं रहा. लेकिन मौजूदा राजनीतिक हालात चुनाव को दिलचस्प बना सकते हैं.

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DOGE से राजनीति तक, छोटा कार्यकाल लेकिन बड़ा प्रभाव

ट्रंप ने रामास्वामी को एलन मस्क के साथ ‘डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी' (DOGE) का सह-प्रमुख बनाया था. हालांकि यह कार्यकाल ज्यादा लंबा नहीं चला और मस्क के साथ मतभेदों के कारण उन्हें पद छोड़ना पड़ा. इसके बाद ट्रंप ने उन्हें ओहायो गवर्नर की दौड़ में उतरने का समर्थन दिया, जिसने उनके राजनीतिक करियर को नई दिशा दी.

चुनावी राह आसान नहीं, कई मोर्चों पर चुनौती

रामास्वामी भले ही मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हों, लेकिन उनके सामने चुनौतियां भी कम नहीं हैं. ईरान युद्ध के कारण बढ़ती महंगाई, ट्रंप की गिरती लोकप्रियता, विपक्ष का संगठित अभियान. ये सभी फैक्टर नवंबर के चुनाव में समीकरण बदल सकते हैं.

नस्लीय विवादों ने भी बटोरी सुर्खियां

चुनाव प्रचार के दौरान उनके प्रतिद्वंद्वी केस्सी पुट्श पर नस्लीय टिप्पणियां करने के आरोप लगे. सोशल मीडिया पर किए गए आपत्तिजनक पोस्ट ने इस चुनाव को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया.

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कौन हैं विवेक रामास्वामी?

40 वर्षीय रामास्वामी ने येल यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की है. हेज फंड में काम करने के बाद उन्होंने बायोटेक कंपनी Roivant Sciences और एसेट मैनेजमेंट फर्म Strive की स्थापना की. फोर्ब्स के मुताबिक, उनकी कुल संपत्ति करीब 2.5 अरब डॉलर है.

इतिहास रचने का मौका

अगर रामास्वामी नवंबर में जीत दर्ज करते हैं, तो वे ओहायो (Ohio) के पहले भारतीय मूल के गवर्नर बनेंगे. साथ ही अमेरिका में तीसरे भारतीय-अमेरिकी गवर्नर के रूप में इतिहास रचेंगे.

विवेक रामास्वामी की ये जीत सिर्फ एक राज्य का चुनावी नतीजा नहीं है, बल्कि अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के नेताओं के बढ़ते प्रभाव का संकेत भी है. अब नजरें नवंबर पर हैं, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि ट्रंप का यह दांव कितना कारगर साबित होता है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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