- कर्नाटक इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने BESCOM के लिए की कुल रेवेन्यू जरूरत 34,087.94 करोड़ रुपये मंजूर की है
- BESCOM को वित्त वर्ष 2026-27 से अपने रेवेन्यू घाटे की भरपाई एक व्यवस्थित तरीके से करने की अनुमति दी गई है
- BESCOM के 2,000 करोड़ रुपये से अधिक के रेवेन्यू घाटे की वसूली 12 मासिक किस्तों में ट्रू-अप चार्जेस के तहत होगी
बेंगलुरु में बिजली इस्तेमाल करने वालों को अब बिजली के बिलों में थोड़ी बढ़ोतरी का सामना करना पड़ेगा. ऐसा इसलिए हुआ है, क्योंकि कर्नाटक इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (KERC) ने अपनी सालाना परफॉर्मेंस रिव्यू के आदेश के तहत, बेंगलुरु इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (BESCOM) के लिए रेवेन्यू घाटा रिकवरी प्लान को मंजूरी दे दी है.
रेगुलेटर ने 2024-25 में BESCOM की परफॉर्मेंस देखने के बाद अपने विस्तृत आदेश में 34,087.94 करोड़ रुपये की शुद्ध कुल रेवेन्यू जरूरत (ARR) को मंजूरी दी है. साथ ही, कंपनी को वित्त वर्ष 2026-27 से शुरू होने वाले एक व्यवस्थित तरीके से अपने रेवेन्यू घाटे की भरपाई करने की भी इजाजत दी है.
'ट्रू-अप चार्जेस' के जरिए घाटे की वसूली
BESCOM ने वित्त वर्ष के दौरान 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के रेवेन्यू घाटे की जानकारी दी थी. इसे ध्यान में रखते हुए, KERC ने कंपनी को "FY25 ट्रू-अप चार्जेस" नाम के एक बिलिंग हिस्से के तहत, 12 मासिक किस्तों में इस कमी की भरपाई करने की इजाजत दी है. इसका मतलब है कि भले ही यह वसूली किस्तों में होगी, लेकिन मई या जून से शुरू होने वाले अपने महीने के बिजली के बिलों में ग्राहकों को असल में अतिरिक्त शुल्क चुकाने होंगे.
यह भी पढ़ेंः बेंगलुरु: स्टेडियम के कैंटीन कर्मचारी ने अवैध रूप से बेच दिए 17 लाख से ज्यादा के टिकट, गिरफ्तार
ग्राहकों पर टैरिफ का असर
यह आदेश BESCOM के ग्राहकों के लिए पहले से मंजूर 56 पैसे प्रति यूनिट की टैरिफ बढ़ोतरी के साथ आया है. ट्रू-अप वसूली के साथ मिलकर, इससे बेंगलुरु में बिजली के बिलों में अचानक एक बार में बड़ी बढ़ोतरी होने के बजाय, थोड़ी-थोड़ी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.
BESCOM को करना होगा ये सारे काम
BESCOM ने 3,164.79 करोड़ रुपये के खर्च की जानकारी दी थी, जो सीमा से ज्यादा था. KERC ने इस खर्च की अनुमति दे दी लेकिन कुछ शर्तें भी जोड़ दी हैं. BESCOM को स्मार्ट मीटरिंग और डिजिटल पेमेंट इंटीग्रेशन में तेजी लाना होगा. इसके साथ ही KERC ने उन औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए मुआवजे की व्यवस्था शुरू की है, जिन्हें बार-बार बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है.
यह भी पढ़ेंः देश को जल्द मिलने वाली है नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, कहां से कहां चलेगी? क्या रूट,सब जानिए
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं