विज्ञापन

तालिबान ने लड़कियों को आजाद नहीं किया तो 4 साल में अनपढ़ और बीमार हो जाएगा अफगानिस्तान

Taliban Rule in Afghanistan: अगर तालिबान ने अफगानिस्तान में लड़कियों की शिक्षा और महिलाओं के रोजगार पर लगी पाबंदियां नहीं हटाई गईं, तो 2030 तक देश 25,000 से ज्यादा महिला शिक्षक और स्वास्थ्य कर्मियों को खो सकता है.

तालिबान ने लड़कियों को आजाद नहीं किया तो 4 साल में अनपढ़ और बीमार हो जाएगा अफगानिस्तान
Taliban Rule in Afghanistan: तालिबान ने लड़कियों पर पूरी तरह पाबंदी लगा रखी है

अफगानिस्तान में एक गंभीर संकट धीरे-धीरे गहराता जा रहा है, जिसका असर सीधे देश के भविष्य पर पड़ सकता है. अगर यहां लड़कियों की पढ़ाई और महिलाओं के काम पर तालिबान द्वारा लगाई गई पाबंदियां जारी रहीं, तो आने वाले सालों में हजारों महिला टीचर और हेल्थ वर्कर खत्म हो सकते हैं. इससे न सिर्फ शिक्षा और इलाज की व्यवस्था कमजोर होगी, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी बड़ा नुकसान होगा. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष या यूनिसेफ की एक नई रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि अगर हालात नहीं बदले, तो 2030 तक स्थिति और भी खराब हो सकती है.

यूनिसेफ की रिपोर्ट में क्या लिखा है.

सोमवार, 27 अप्रैल को जारी यूनिसेफ की नई रिपोर्ट के अनुसार, अगर तालिबान के नेतृत्व वाले अफगानिस्तान में लड़कियों की शिक्षा और महिलाओं के रोजगार पर लगी पाबंदियां नहीं हटाई गईं, तो 2030 तक देश 25,000 से ज्यादा महिला शिक्षक और स्वास्थ्य कर्मियों को खो सकता है.

बता दें कि तालिबान ने अफगानिस्तान में महिलाओं को ज्यादातर सरकारी नौकरियों से बाहर कर दिया है और लड़कियों की पढ़ाई को सिर्फ 12 साल की उम्र तक सीमित कर दिया है. रिपोर्ट के अनुसार, इन पाबंदियों का असर पहले ही कम से कम 10 लाख लड़कियों पर पड़ चुका है. अगर हालात ऐसे ही रहे, तो 2030 तक यह संख्या दोगुनी हो सकती है. यूनिसेफ ने तालिबान से 2021 में सत्ता में लौटने के बाद लगाए गए इन प्रतिबंधों को हटाने की अपील की है.

“अफगानिस्तान में लड़कियों की शिक्षा और महिलाओं की श्रम भागीदारी पर निष्क्रियता की कीमत” नाम की इस रिपोर्ट में पाया गया कि पढ़ाई पूरी कर चुकी योग्य महिलाओं की संख्या, जो शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में जा रही थीं, तेजी से घट रही है. रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक करीब 20,000 महिला शिक्षक और 5,400 महिला स्वास्थ्य कर्मी कम हो सकते हैं. यह आंकड़ा 2021 के कुल कार्यबल (वर्कफोर्स) का लगभग 25 प्रतिशत है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2035 तक 9,600 तक स्वास्थ्य कर्मियों की कमी हो सकती है.

यूनिसेफ के अनुसार, इस कमी का असर अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा और हर साल करीब 5.3 अरब अफगानी (लगभग 84 मिलियन डॉलर) का नुकसान हो सकता है. यह देश के कुल जीडीपी का लगभग 0.5 प्रतिशत है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान की वास्तविक सरकार को कौशल प्रशिक्षण को सुरक्षित रखना चाहिए और महिलाओं को काम करने की अनुमति देनी चाहिए.

यह भी पढ़ें: खूब पीटो बस हड्डी नहीं तोड़ना... तालिबान ने नया कानून लाकर महिलाओं पर घरेलू हिंसा को खुली छूट दे दी


 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com