एक अमेरिकी एयरलाइन मैकेनिक को तालिबान ने अफगानिस्तान में दो साल से अधिक समय से बंधक बनाए रखा था. अब आखिरकार उसे रिहा कर दिया गया है. इस एयरलाइन मैकेनिक का नाम है जॉर्ज ग्लेजमैन जिसे दिसंबर 2022 में एक पर्यटक के रूप में अफगानिस्तान की यात्रा के दौरान हिरासत में लिया गया था. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार, 20 मार्च की शाम वो फ्लाइट से कतर पहुंचे और वहां से वो अमेरिका के लिए निकले.
अफगानिस्तान पर शासन कर रही तालिबान सरकार के विदेश मंत्री ने रिहाई की पुष्टि की है. अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में अमेरिकी बंधक दूत एडम बोहलर और अन्य अमेरिकी अधिकारियों की मेजबानी के बाद जॉर्ज ग्लेजमैन की रिहाई की पुष्टि की गई है.
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह डील "आपसी सम्मान और हितों के आधार पर सभी पक्षों, विशेष रूप से अमेरिका के साथ बातचीत करने के लिए अफगानिस्तान की तत्परता" को दिखाती है.
65 साल के जॉर्ज ग्लेजमैन डेल्टा एयरलाइन्स के मैकेनिक हैं. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने कहा कि ग्लेजमैन जल्द ही अपनी पत्नी एलेक्जेंड्रा के साथ फिर से मिलेंगे. उन्होंने रिहाई सुनिश्चित करने में कतर की "महत्वपूर्ण" भूमिका के लिए उसे धन्यवाद दिया.
जनवरी में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद संभालने से पहले, दो अमेरिकियों, रयान कॉर्बेट और विलियम वालेस मैकेंटी को तालिबान ने रिहा किया था. बदले में अमेरिका को एक अफगान कैदी को रिहा करना पड़ा. यह कैदी खान मोहम्मद था जो ड्रग्स की तस्करी और आतंकवाद के आरोप में कैलिफोर्निया की एक फेडरल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था.
एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार कम से कम एक अन्य अमेरिकी, महमूद हबीबी अभी भी अफगानिस्तान में हिरासत में है.
डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति के रूप में अपने पहले कार्यकाल के दौरान तालिबान अधिकारियों के साथ एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. उनके फिर से चुने जाने के बाद, काबुल सरकार ने वाशिंगटन के साथ एक "नया चैप्टर" शुरू करने की आशा जताई है.
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