- स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने लेबनान में बढ़ती हिंसा को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गंभीर चिंता जताई
- सांचेज ने यूरोपीय संघ से आग्रह किया कि इजरायल के खिलाफ एसोसिएशन एग्रीमेंट को निलंबित किया जाए
- ईरान ने चेतावनी दी कि लेबनान पर हमले जारी रहने पर अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौता खतरे में पड़ सकता है
स्पेन के पीएम पेड्रो सांचेज ने लेबनान में बढ़ती हिंसा को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह सुनिश्चित करना होगा कि लेबनान को दूसरा गाजा न बनने दिया जाए. सांचेज ने यूरोप से अपील की कि अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन के मामलों में यूरोपीय देशों को एकजुट और सुसंगत रुख अपनाना होगा, ताकि दुनिया का समर्थन हासिल किया जा सके. लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पेन के प्रधानमंत्री ने कहा कि इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा की जा रही आक्रामक कार्रवाई असहनीय है. उन्होंने कहा कि लेबनान के खिलाफ जारी हमले जीवन और अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति घोर अवमानना को दर्शाते हैं.
इजरायल की कार्रवाई पर कड़ी टिप्पणी
पेड्रो सांचेज ने कहा कि नेतन्याहू ने बुधवार को लेबनान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है. उन्होंने इसे अस्वीकार्य करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से स्पष्ट शब्दों में प्रतिक्रिया देने की अपील की. सांचेज ने मांग की कि लेबनान को अमेरिका और ईरान के बीच हुए अस्थायी युद्धविराम समझौते में शामिल किया जाना चाहिए. स्पेनिश पीएम ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के इस नए उल्लंघन की खुले तौर पर निंदा की जानी चाहिए. उन्होंने यह भी मांग की कि यूरोपीय संघ को इजरायल के साथ अपने एसोसिएशन एग्रीमेंट को निलंबित करना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि इन कथित आपराधिक कृत्यों के लिए किसी भी तरह की छूट नहीं दी जानी चाहिए.
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ईरान की चेतावनी और बढ़ता तनाव
इजरायल‑लेबनान तनाव के बीच ईरान ने भी स्थिति को लेकर चिंता जताई है. ईरान ने इजरायल को अमेरिका और ईरान के बीच हुए नाजुक अस्थायी युद्धविराम को खतरे में डालने का जिम्मेदार ठहराया है. ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि लेबनान पर हमले जारी रहे तो समझौता टूट सकता है, जिससे होर्मुज में हालात और बिगड़ सकते हैं. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका को यह तय करना होगा कि वह युद्धविराम चाहता है या इजरायल के जरिए युद्ध जारी रखना. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि लेबनान में हो रहे नरसंहारों को पूरी दुनिया देख रही है और अब फैसला अमेरिका के हाथ में है.
अमेरिका का रुख अलग
हालांकि, व्हाइट हाउस ने अस्थायी युद्धविराम समझौते में लेबनान को शामिल करने से इनकार कर दिया है.व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि लेबनान युद्धविराम का हिस्सा नहीं है और इस बारे में सभी संबंधित पक्षों को जानकारी दे दी गई है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने युद्धविराम के समर्थन और अमेरिका के प्रयासों में सहयोग की बात कही है, साथ ही यह भरोसा दिलाया है कि आने वाले दो हफ्तों तक इज़राइल एक सहयोगी साझेदार बना रहेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू दोनों ही कह चुके हैं कि लेबनान युद्धविराम समझौते का हिस्सा नहीं है.
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