स्पेसएक्स का आगामी IPO (इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में शामिल कई अमीर अधिकारियों को और ज्यादा अमीर बनाने जा रहा है. सरकारी दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि ट्रंप प्रशासन के कम से कम 10 बड़े अधिकारियों का एलन मस्क की रॉकेट कंपनी 'SpaceX' या उनकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी 'xAI' में बड़ा वित्तीय हित है. यानी इन लोगों के पास कंपनी के शेयर हैं. इन अधिकारियों के पास मस्क की कंपनियों के करीब 99 लाख डॉलर से लेकर 4.38 करोड़ डॉलर तक के शेयर हैं.
यह आईपीओ इतिहास का सबसे बड़ा पब्लिक ऑफरिंग होने जा रहा है, जिससे स्पेसएक्स की वैल्यूएशन 1.8 ट्रिलियन डॉलर यानी 180 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंचने की उम्मीद है. इस डील के बाद एलन मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बन सकते हैं. लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि सरकार में बैठे जिन अधिकारियों को मस्क की कंपनी से फायदा होने वाला है, वे खुद बड़े सरकारी पदों पर हैं और इनमें से कई कंपनियां सीधे सरकार से अरबों डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट हासिल करती हैं.
किस अधिकारी के पास है कितनी हिस्सेदारी?
इस लिस्ट में सबसे बड़ा नाम इंटीरियर डिपार्टमेंट (DOI) के चीफ इंफॉर्मेशन ऑफिसर पॉल मैकइनेर्नी का है. ये पहले स्पेसएक्स में इंजीनियर रह चुके हैं. मैकइनेर्नी के पास स्पेसएक्स के 50 लाख डॉलर से लेकर 2.5 करोड़ डॉलर तक के शेयर हैं. खास बात यह है कि उन्हें इन शेयरों को बेचने के लिए नहीं कहा गया, बल्कि उन्हें एक 'एथिक्स वेवर' (नैतिक छूट) दे दी गई ताकि वे विभाग में अपना काम जारी रख सकें. हालांकि, विभाग का कहना है कि वे स्पेसएक्स से जुड़े मामलों से खुद को दूर रखते हैं.
हितों के टकराव पर उठते सवाल
सरकारी ठेकों को मैनेज करने वाली एजेंसी (GSA) के डिप्टी एडमिनिस्ट्रेटर माइकल लिंच के पास भी 5 लाख से 10 लाख डॉलर के स्पेसएक्स शेयर हैं. लक्समबर्ग की अमेरिकी राजदूत स्टेसी फेनबर्ग के पास भी xAI में लाखों डॉलर के शेयर हैं.
इसके अलावा आयरलैंड, चेक रिपब्लिक और पुर्तगाल में तैनात अमेरिकी राजदूतों के भी मस्क की कंपनियों में शेयर हैं. सिर्फ फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन केविन वॉर्श ने ही पद संभालने से पहले स्पेसएक्स से जुड़े अपने निवेश को बेचने का फैसला किया है.
कानूनी विशेषज्ञों और एथिक्स वकीलों का कहना है कि अमेरिकी इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया जब एक ही कंपनी के आईपीओ से सरकार के इतने सारे शीर्ष अधिकारियों को सीधा मुनाफा हो रहा हो. चूंकि स्पेसएक्स को अमेरिकी स्पेस फोर्स से हाल ही में 6.5 अरब डॉलर का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है, इसलिए अधिकारी के पदों और उनके निजी निवेश को लेकर 'हितों के टकराव' का गंभीर सवाल खड़ा हो गया है.
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