दुनियाभर के कई देशों ने अंतरिक्ष में अपने सैटेलाइट और रॉकेट भेजे हैं. अब स्पेस में इनकी संख्या बहुत ज्यादा हो गई है. स्पेस में रॉकेट और सैटेलाइट का ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति है. इस सबके बीच एक रॉकेट चांद पर क्रेश हुआ है. अंतरिक्ष के इतिहास में यह पहली ऐसी अनोखी घटना हुई है, जब किसी इंसान द्वारा बनाई चीज से चांद पर क्रेटर यानी गड्ढा हुआ हो. ये रॉकेट आवाज की रफ्तार से भी तेज स्पीड से चांद से टकराया. कोरियाई स्पेस एजेंसी ने इस टक्कर से पहले और बाद की तस्वीरें जारी की हैं. जिनमें चांद पर बने क्रेटर को साफ देखा जा सकता है.
कोरियाई स्पेस एजेंसी ने शेयर की तस्वीरें
कोरियाई अंतरिक्ष एजेंसी (KARI) के स्पेसक्राफ्ट 'दानुरी' ने इस घटना को ट्रैक किया और चांद की तस्वीरें कैप्चर की. दानुरी ने टक्कर से ठीक पहले और टक्कर के तुरंत बाद की बेहद दुर्लभ तस्वीरें दुनिया के साथ शेयर की हैं.
यह घटना तब हुई जब अमेरिकी कंपनी SpaceX के फाल्कन 9 रॉकेट का ऊपरी हिस्सा अनियंत्रित होकर चंद्रमा की सतह से जा टकराया. कोरियाई समय के अनुसार 5 अगस्त को दोपहर 15:34 बजे यह जोरदार भिड़ंत हुई.

स्पेस एक्स के रॉकेट की चांद की टक्कर के बाद क्या बदला?
Photo Credit: KARI
दानुरी ने रखी टक्कर पर नजर
इस टक्कर के बारे में अंतरिक्ष जगत को पहले से जानकारी थी और दुनियाभर की एजेंसियां इसे ट्रैक कर रही थीं. कोरियाई स्पेस एजेंसी ने भी दानुरी स्पेसक्राफ्ट को इस मिशन में लगा दिया. दानुरी ने टक्कर से करीब 30 मिनट पहले ही उस इलाके की निगरानी शुरू कर दी थी. उसने अपनी ऑर्बिट को इस तरह से एडजस्ट किया कि वह बार-बार टक्कर वाली जगह के ऊपर से गुजरा और कुल 8 बार हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरें खींचीं.
4 टन का था रॉकेट
फाल्कन 9 का यह ऊपरी हिस्सा करीब 4 टन वजनी है. अपना मिशन पूरा करने के बाद यह पृथ्वी और चंद्रमा की कक्षाओं में भटकता रहा और अब चंद्रमा से टकराया है. यह लगभग 2.43 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से चंद्रमा की सतह से टकराया.

चांद पर जिस जगह टकराया रॉकेट वो कैसी दिख रही?
Photo Credit: KARI
टक्कर के बाद चांद पर क्या हुआ?
चांद की सतह पर रॉकेट की जबरदस्त भिड़ंत से एक क्रेटर बन गया. इतना ही नहीं चांद की सतह से भारी मात्रा में चांद की मिट्टी और चट्टानी मलबा (इजेक्टा) हवा में तैरता हुआ दूर तक फैल गया. तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि टक्कर से पहले चांद की वह जमीन बिल्कुल सपाट और शांत थी. वहीं टक्कर के बाद वहां रॉकेट के गिरने से मलबे का एक नया निशान और बदलाव साफ नजर आने लगा. दानुरी के पास इस टक्कर से ठीक पहले और बाद की तस्वीरें है. इससे वैज्ञानिक यह स्टडी कर सकेंगे कि चांद की सतह पर ऐसी बाहरी टक्करों का क्या असर होता है.
अब नासा संभालेगा कमान
कोरियाई अंतरिक्ष एजेंसी (KARI) द्वारा जुटाए गए इस बेहद कीमती डेटा को अब अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के 'लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर' (LRO) के साथ शेयर किया जाएगा. दोनों देशों के वैज्ञानिक मिलकर इस डेटा पर रिसर्च करेंगे ताकि भविष्य में चांद पर भेजे जाने वाले इंसानी मिशनों को सुरक्षित बनाया जा सके.
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