
वाशिंगटन:
अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने नासा के स्पिटजलर टेलीस्कोप का इस्तेमाल कर एक ऐसे ग्रह की खोज की है, जो हमारे सौरमंडल का संभवत: सबसे करीबी और आकार में अपनी धरती का दो-तिहाई है।
नासा ने बताया कि 33 प्रकाश वर्ष दूर इस संभावित ग्रह का नाम यूसीएफ-1.01 है। इसका व्यास 8400 किलोमीटर है और यह अपने सौर मंडल के बाहर का सबसे करीबी ग्रह है, जो आकार में पृथ्वी से छोटा है।
सौर मंडल से बाहर अब तक कुछ ग्रहों की ही खोज हुई है, जो आकार में हमारे ग्रह से छोटे हैं और यूसीएफ-1.01 ऐसा पहला ग्रह है, जिसकी पहचान अंतरिक्ष टेलीस्कोप से हुई है।
ओरलैंडो स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट्रल फ्लोरिडा के केविन स्टीवेंसन ने एक वक्तव्य में बताया, हमें स्पिटजलर टेलीस्कोप की
सहायता से एक करीबी, बेहद छोटे और बेहद गर्म ग्रह होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। इस नए गर्म ग्रह की पहचान इत्तेफाकन हुई, जब स्टीवेंसन और उनके सहकर्मी नेप्चून के आकार वाले सौर मंडल के बाहर के एक अन्य ग्रह जीजे 436बी का अध्ययन कर रहे थे।
नासा ने बताया कि 33 प्रकाश वर्ष दूर इस संभावित ग्रह का नाम यूसीएफ-1.01 है। इसका व्यास 8400 किलोमीटर है और यह अपने सौर मंडल के बाहर का सबसे करीबी ग्रह है, जो आकार में पृथ्वी से छोटा है।
सौर मंडल से बाहर अब तक कुछ ग्रहों की ही खोज हुई है, जो आकार में हमारे ग्रह से छोटे हैं और यूसीएफ-1.01 ऐसा पहला ग्रह है, जिसकी पहचान अंतरिक्ष टेलीस्कोप से हुई है।
ओरलैंडो स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट्रल फ्लोरिडा के केविन स्टीवेंसन ने एक वक्तव्य में बताया, हमें स्पिटजलर टेलीस्कोप की
सहायता से एक करीबी, बेहद छोटे और बेहद गर्म ग्रह होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। इस नए गर्म ग्रह की पहचान इत्तेफाकन हुई, जब स्टीवेंसन और उनके सहकर्मी नेप्चून के आकार वाले सौर मंडल के बाहर के एक अन्य ग्रह जीजे 436बी का अध्ययन कर रहे थे।
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