
इस्लामाबाद:
तालिबान के पूर्व गढ़ स्वात में शांति की पक्षधर के तौर पर उभरी 14 साल की एक पाकिस्तानी लड़की मंगलवार को पश्चिमोत्तर प्रांत में अपनी कार पर एक संदिग्ध उग्रवादी के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गई।
पाकिस्तान का पहला ‘युवाओं के लिए राष्ट्रीय शांति पुरस्कार’ हासिल करने वाली मलाला युसुफजई को कम से कम दो गोलियां लगीं। उसे इस्लामाबाद से 160 किमी दूर स्वात में अपनी कार से जाते समय उग्रवादी ने गोली मारी थी।
युसुफजई के स्कूल के बाहर हुई इस घटना में दो बच्चे भी घायल हो गए। टीवी समाचार चैनलों की खबर में कहा गया है कि युसुफजई को सैदू शरीफ शहर के अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन किया। अस्पताल के आसपास सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
जिस समय हमला हुआ उस समय लड़कियां सरकारी कर्मचारियों के विरोध के चलते समय से पहले स्कूल बंद होने के कारण बाहर निकल रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बंदूकधारी ने लोगों से युसुफजई के बारे मे पूछा और फिर उसकी कार पर गोली चलाई। अब तक किसी भी गुट ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
युसुफजई ने ब्लॉग में तालिबान की ज्यादतियों के बारे में जब से लिखना शुरू किया तब से उसे कई बार धमकियां मिलीं। मार्च में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के प्रवक्ता एहसानुल्ला एहसन ने कहा कि युसुफजई और सामाजिक कार्यकर्ता शाद बेगम उग्रवादियों की हिट लिस्ट में हैं।
शाद बेगम उन दस महिलाओं में से हैं जिन्हें अमेरिका ने ‘इंटरनेशनल वीमेन ऑफ करेज अवार्ड’ से सम्मानित किया है। स्वात में 2008 में पकड़ के दौरान तालिबान ने लड़कियों के पढ़ने पर प्रतिबंध लगा दिया था। तब युसुफजई ने ‘गुल मकई’ के छद्म नाम से बीबीसी उर्दू के लिए ब्लॉगिंग में अपनी पीड़ा और नाराजगी जाहिर की। साथ ही उसने और लड़कियों को उग्रवादियों के खतरे के बावजूद पढ़ाई जारी रखने को कहा। 2009 में सेना ने तालिबान का स्वात से सफाया कर दिया।
पाकिस्तान का पहला ‘युवाओं के लिए राष्ट्रीय शांति पुरस्कार’ हासिल करने वाली मलाला युसुफजई को कम से कम दो गोलियां लगीं। उसे इस्लामाबाद से 160 किमी दूर स्वात में अपनी कार से जाते समय उग्रवादी ने गोली मारी थी।
युसुफजई के स्कूल के बाहर हुई इस घटना में दो बच्चे भी घायल हो गए। टीवी समाचार चैनलों की खबर में कहा गया है कि युसुफजई को सैदू शरीफ शहर के अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन किया। अस्पताल के आसपास सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
जिस समय हमला हुआ उस समय लड़कियां सरकारी कर्मचारियों के विरोध के चलते समय से पहले स्कूल बंद होने के कारण बाहर निकल रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बंदूकधारी ने लोगों से युसुफजई के बारे मे पूछा और फिर उसकी कार पर गोली चलाई। अब तक किसी भी गुट ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
युसुफजई ने ब्लॉग में तालिबान की ज्यादतियों के बारे में जब से लिखना शुरू किया तब से उसे कई बार धमकियां मिलीं। मार्च में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के प्रवक्ता एहसानुल्ला एहसन ने कहा कि युसुफजई और सामाजिक कार्यकर्ता शाद बेगम उग्रवादियों की हिट लिस्ट में हैं।
शाद बेगम उन दस महिलाओं में से हैं जिन्हें अमेरिका ने ‘इंटरनेशनल वीमेन ऑफ करेज अवार्ड’ से सम्मानित किया है। स्वात में 2008 में पकड़ के दौरान तालिबान ने लड़कियों के पढ़ने पर प्रतिबंध लगा दिया था। तब युसुफजई ने ‘गुल मकई’ के छद्म नाम से बीबीसी उर्दू के लिए ब्लॉगिंग में अपनी पीड़ा और नाराजगी जाहिर की। साथ ही उसने और लड़कियों को उग्रवादियों के खतरे के बावजूद पढ़ाई जारी रखने को कहा। 2009 में सेना ने तालिबान का स्वात से सफाया कर दिया।
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