- अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई बड़े नेता मारे गए हैं
- ईरान ने सऊदी अरब की प्रमुख तेल रिफाइनरी रास तानूरा पर ड्रोन, मिसाइल हमले कर अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है
- सऊदी अरब ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि हमले बंद नहीं हुए तो उसे बड़ा नुकसान सहना पड़ सकता है
अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमले किये, इन हमलों में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई बड़े नेताओं की मौत हो गई. ईरान की टॉप लीडरशिप, जो अमेरिकी की शर्तों को मानने को तैयार नहीं थी, वो खत्म हो चुकी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का मकसद लगभग पूरा हो गया है. लेकिन अब इसका सबसे बड़ा खामियाजा सऊदी अरब को उठाना पड़ रहा है. सऊदी की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी से लेकर बड़े शहरों पर ईरान ड्रोन और मिसाइल अटैक कर रहा है. सऊदी में इस समय दहशत का माहौल है. ऐसे में ईरान-इजरायल जंग में सऊदी अरब सबसे बड़ा लूजर साबित होता नजर आ रहा है.
सऊदी के सब्र का बांध टूटा
सऊदी अरब का सब्र का बांध अब टूटता नजर आ रहा है. ईरान को अब सऊदी ने सीधी चेतावनी दे दी है. सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने कहा कि अगर ईरान ने अरब देशों पर हमले नहीं रोके, तो उसे अब तक का ‘सबसे बड़ा नुकसान' उठाना पड़ सकता है. सऊदी अरब का यह बयान ईरानी ड्रोन द्वारा शयाब ऑयल फील्ड को निशाना बनाए जाने के बाद आया है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘देश इस बात की पुष्टि करता है कि ईरानी पक्ष ने इस बयान पर अमल नहीं किया, न तो राष्ट्रपति के भाषण के दौरान और न ही उसके बाद. ईरान ने बिना किसी ठोस वजह के अपना आक्रमण जारी रखा है. ईरानी हमले का मतलब है, ‘और अधिक तनाव की स्थिति, जिसका वर्तमान और भविष्य में संबंधों पर गंभीर असर पड़ेगा.'
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ईरान का सऊदी की अर्थव्यवस्था की रीढ़ पर अटैक
अमेरिका, सऊदी अरब के लिए शील्ड का काम करता रहा है, हमलों से उसे बचाता रहा है. सऊदी अरब अपनी रक्षा जरूरतों के लिए अमेरिका पर ही पूरी तरह से निर्भर है. अमेरकिा से इसी करीबी संबंध का उसे अब खामियाजा उठाना पड़ रहा है. ईरान के हमलों में सऊदी अरब को सबसे बड़ा झटका उसके तेल उद्योग को लगा है, जो देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. युद्ध छिड़ने के बाद ईरान ने सऊदी अरब की सबसे महत्वपूर्ण तेल रिफाइनरी रास तानूरा (Ras Tanura) पर कई ड्रोन हमले किए. इससे कुछ समय के लिए इस ऑयल रिफाइनरी को बंद भी रखना पड़ा. रास तानूरा रिफाइनरी सऊदी अरब की तेल निर्यात प्रणाली का अहम हिस्सा है. इसके कुछ समय के लिए बंद होने से न केवल घरेलू उत्पादन क्षमता घटी, बल्कि वैश्विक बाजार में भी तेल की कीमतें उछल गईं.
सऊदी अरब में दहशत का माहौल
रास तानूरा रिफाइनरी पर हमले के कारण सऊदी अरब को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है. इसके साथ ही सप्लाई‑चेन भी गड़बड़ा गई है. हालांकि, ईरान द्वारा दागे गए मिसाइल और ड्रोन सिर्फ रास तानूरा तक सीमित नहीं रहे. सऊदी सरकार ने बताया कि तेहरान ने दुबई, रियाद एयरपोर्ट और अन्य सैन्य और ऊर्जा ठिकानों को भी निशाना बनाने की कोशिश की, जिससे देश में सुरक्षा जोखिम बढ़ा है. ईरान के कई ड्रोन इंटरसेप्ट किए गए, लेकिन गिरा हुआ मलबा भी आग और नुकसान का कारण बना. सऊदी में इस समय दहशत का माहौल है. कई देशों की विमानन कंपनियां अपने यात्री विमान सऊदी भेजने से कतरा रही हैं. तेल सुविधाओं पर हमलों से सऊदी अरब की ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई और यह स्थिति जितनी लंबी चलेगी, आर्थिक दबाव उतना बढ़ेगा. तेल उत्पादन में कटौती, निर्यात में कमी और वैश्विक मूल्य उतार‑चढ़ाव की प्रत्यक्ष मार सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है.

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कुवैत और बहरीन पर भी जारी हैं ईरान के हमले
सऊदी अरब में पिछले दिनों अल-खारज के रिहायशी इलाके में प्रोजेक्टाइल गिरने की घटना सामने आई. इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हुए. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने पहले कहा था कि उसने अल-खारज समेत कई जगहों पर रडार सिस्टम को निशाना बनाया है. अल-खारज में प्रिंस सुल्तान एयरबेस है, जिसका इस्तेमाल अमेरिकी सेना करती है. पिछले हफ्ते ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की लड़ाई में इस पर कई बार हमला हुआ है. रविवार को सऊदी रक्षा मंत्रालय ने 15 ड्रोन को इंटरसेप्ट करने की रिपोर्ट दी, जिसमें राजधानी रियाद के डिप्लोमैटिक क्वार्टर में हमले की कोशिश भी शामिल थी. इस बीच, कुवैत ने कहा कि उसके इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फ्यूल टैंक पर हमला हुआ और बहरीन ने बताया कि एक वॉटर डिसेलिनेशन प्लांट को नुकसान पहुंचा है. दूसरी तरफ यूएई अमीराती रक्षा मंत्रालय का कहना है कि देश के एयर डिफेंस ईरान से आने वाले मिसाइल और ड्रोन के खतरों का जवाब दे रहे हैं. जो आवाजें सुनाई दे रही हैं, वे इंटरसेप्शन का नतीजा हैं.
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