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रूस ने टेलीग्राम के फाउंडर डुरोव को इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में डाला, पुतिन की एजेंसी ने लगाया संगीन आरोप

रूस-यूक्रेन युद्ध में दोनों तरफ टेलीग्राम का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है. ऐसे में हाल के सालों में रूस ने टेलीग्राम के इस्तेमाल पर रोक लगाने की कई बार कोशिश की है.

रूस ने टेलीग्राम के फाउंडर डुरोव को इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में डाला, पुतिन की एजेंसी ने लगाया संगीन आरोप
रूस ने टेलीग्राम के फाउंडर डुरोव को इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में डाला (फोटो- सोशल मीडिया)
  • रूस ने टेलीग्राम ऐप के फाउंडर पावेल डुरोव को इंटरनेशनल वांटेड लिस्ट में डाला
  • रूस का आरोप- टेलीग्राम से ऐसे चैनलों और चैट्स को नहीं हटाया गया है जिसका रूस के खिलाफ इस्तेमाल किया जा रहा
  • हाल के सालों में रूस ने टेलीग्राम के इस्तेमाल पर रोक लगाने की कई बार कोशिश की है

रूस ने टेलीग्राम ऐप के फाउंडर पावेल डुरोव पर आतंकवाद में मदद करने का आरोप लगाया है. उन्हें रूस की मुख्य इंटरनल सुरक्षा एजेंसी ने बुधवार, 29 जुलाई को इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में डाल दिया. रूस का आरोप है कि टेलीग्राम से ऐसे चैनलों, चैट्स और बॉट्स को नहीं हटाया गया है जिसका कथित रूप से रूस के खिलाफ इस्तेमाल किया जा रहा है. रूस की इस एजेंसी का आधिकारिक नाम फेडरल सिक्योरिटी सर्विस है, जिसे FSB के नाम से भी जाना जाता है. 

FSB ने अपने बयान में क्या कहा है?

इस एजेंसी ने एक बयान में कहा कि टेलीग्राम के एडमिनिस्ट्रेशन ने "कई ऐसे चैनलों, चैट्स और बॉट्स" को नहीं हटाया है, जिनका इस्तेमाल यूक्रेन की इंटेलिजेंस एजेंसियों, आतंकवादी और चरमपंथी संगठनों द्वारा रूस में तोड़-फोड़, आतंकवाद, सामूहिक हत्या और साइबर धोखाधड़ी जैसी गतिविधियों की तैयारी और उन्हें अंजाम देने के लिए किया जाता है.

41 साल के डुरोव पर ये आरोप ऐसे समय में लगे हैं जब रूस देश के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप्स में से एक, टेलीग्राम पर पाबंदियां लगा रहा है. 2013 में शुरू हुई एन्क्रिप्टेड मैसेंजर ऐप टेलीग्राम का कहना है कि उसके 1 अरब से ज्यादा यूजर्स हैं और रूस-यूक्रेन युद्ध में दोनों तरफ इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है.

हाल के सालों में रूस ने टेलीग्राम के इस्तेमाल पर रोक लगाने की कई बार कोशिश की है और अपनी सरकारी मैसेंजर सर्विस 'MAX' को बढ़ावा दिया है.

डुरोव ने इस साल की शुरुआत में बताया था कि रूसी अधिकारियों ने उनके खिलाफ आपराधिक जांच शुरू की है. उन्होंने आरोप लगाया था कि अधिकारी "प्राइवेसी और बोलने की आजादी के अधिकार को दबाने" की कोशिश के तहत टेलीग्राम तक पहुंच को सीमित करने के लिए झूठे बहाने बना रहे हैं. बता दें कि डुरोव का जन्म रूस में हुआ था और उनके पास फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के पासपोर्ट हैं. अभी वह फ्रांस में हैं.

वैसे फ्रांसीसी अधिकारी भी डुरोव की जांच कर रहे हैं. फ्रांस में उन पर आरोप है कि टेलीग्राम अपने प्लेटफॉर्म पर आपराधिक गतिविधियों को रोकने में नाकाम रहा और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के अनुरोधों पर उसने पर्याप्त सहयोग नहीं किया. डुरोव ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है.

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