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खामेनेई की हत्या पर भड़के रूस और चीन, क्या इजरायल-ईरान युद्ध में कूदेंगी दो महाशक्तियां?

ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले ने न सिर्फ मिडिल ईस्ट को युद्ध की आग में झोंक दिया है बल्कि अब दुनिया की दो बड़ी महाशक्तियां रूस और चीन भी विरोध में उतर आई हैं.

खामेनेई की हत्या पर भड़के रूस और चीन, क्या इजरायल-ईरान युद्ध में कूदेंगी दो महाशक्तियां?
  • खामेनेई की मौत के बाद भी मिडिल ईस्ट में जंग की आग ठंडी होने के बजाय और भड़कती नजर आ रही है
  • रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने खामेनेई की हत्या को अनैतिक और अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन बताया है
  • चीन ने इस हमले को यूएन चार्टर के सिद्धांतों का उल्लंघन बताया और संप्रभुता पर गंभीर चोट करार दिया है
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अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो चुकी है, लेकिन जंग की आग ठंडी होने के बजाय और भड़कती नजर आ रही है. इस हमले ने न सिर्फ मिडिल ईस्ट को युद्ध की आग में झोंक दिया है बल्कि अब दुनिया की दो बड़ी महाशक्तियां रूस और चीन भी अमेरिकी कार्रवाई के खुलकर विरोध में उतर आई हैं. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने साफ कहा कि खामेनेई की अनैतिक तरीके हत्या की गई है और ये अंतरराष्ट्रीय कानून का शर्मनाक उल्लंघन है. चीन ने भी बेहद तीखा बयान दिया है. 

पुतिन बोले, खामेनेई की हत्या अनैतिक

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध में खामेनेई की मौत के बाद रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन को शोक संदेश भेजकर हमले की तीखी निंदा की है. पुतिन ने खामेनेई और उनके परिवार की 'हत्या' को मानवीय नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सभी मानदंडों का शर्मनाक उल्लंघन करार दिया. 

'खामेनेई एक असाधारण नेता, याद रखेंगे'

पुतिन ने आगे कहा कि खामेनेई को रूस में एक असाधारण राजनेता के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने रूस और ईरान के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई और संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया. 

चीन ने कहा, हमला यूएन सिद्धांतों के खिलाफ

चीन सरकार ने भी खामेनेई पर हमले पर कड़े शब्दों में निंदा की है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है. चीन ने इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का अपमान बताते हुए कहा कि इसने यूएन चार्टर के सिद्धांतों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बेसिक नियमों को ध्वस्त कर दिया है. 

संप्रभुता का उल्लंघन बर्दाश्त नहींः वांग यी

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने तो खामेनेई पर हमले के लिए अमेरिका इजरायल की आलोचना करते हुए यहां तक कह दिया कि किसी संप्रभु नेता की सरेआम हत्या और सत्ता परिवर्तन की कोशिशों को किसी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता. चीन सरकार ने सैन्य कार्रवाई तुरंत रोकने की मांग करते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट और दुनिया में शांति कायम रखने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए और तनाव बढ़ाने से बचना चाहिए. 

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UN में अमेरिका-इजरायल को घेरने की तैयारी

इससे पहले, चीन और रूस दोनों ने संकेत दिए थे कि वो ईरान पर हमले के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाएंगे. उनका कहना है कि अगर किसी देश के सर्वोच्च नेता को इस तरह निशाना बनाया जाता है तो इससे दुनिया में अराजकता ही पैदा होगी.  रूस और चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अर्जेंट मीटिंग बुलाने की भी मांग की है ताकि ईरान के हालत पर चर्चा करके कोई रास्ता निकाला जा सके. 

क्या ईरान युद्ध में कूदेंगे रूस और चीन?

ईरान पर हमले के बाद रूस और चीन के तीखे बयानों ने वैश्विक कूटनीति में हलचल मचा दी है. रूस पहले से ही यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका के खिलाफ है और ईरान उसका प्रमुख रक्षा भागीदार है. वहीं चीन मिडिल ईस्ट में अपना दबदबा बनाए रखना चाहता है. जानकारों ने आशंका जताई है कि अगर इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमले जारी रखे तो रूस-चीन ईरान की सैन्य या तकनीकी मदद के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं. अगर ये दो महाशक्तियां जंग में शामिल हुईं तो इस क्षेत्रीय संघर्ष को वैश्विक युद्ध में बदलने में देर नहीं लगेगी.

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