मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा की पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर में ब्रॉड पीक पर एवलांच की चपेट में आने से मौत हो गई. उन्हें निमसदाई नाम से भी जाना जाता था.
पर्वतारोहण कंपनी एलीट एक्सपेड ने एक बयान में बताया, "आज, बहुत दुख और बहुत दुख के साथ हम यह कन्फर्म करते हैं कि निर्मल निम्सदाई पुर्जा की ब्रॉड पीक पर एवलांच के बाद दुखद मौत हो गई. हमें यह भी कन्फर्मेशन मिला है कि एक्सपीडिशन के दूसरे सदस्य भी नहीं बच पाए."
बयान में कहा गया, "आज, हम सिर्फ निर्मल के लिए ही नहीं, बल्कि इस हादसे में मारे गए हर व्यक्ति के लिए दुख मना रहे हैं. इस हादसे में उनके भरोसेमंद क्लाइंबिंग पार्टनर और गाइड पुर बहादुर गुरुंग (युक्ता) और नीमा शेरपा भी शामिल हैं. हमारी गहरी संवेदनाएं, प्रार्थनाएं उनके परिवारों, दोस्तों और प्रियजनों के साथ हैं."
चोटी पर चढ़ाई से पहले क्या बोले थे निर्मल?
निर्मल पुरजा ने ब्रॉड पीक पर चढ़ने के अपने फैसले की घोषणा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा था, "यह प्लान नहीं था. हैट्रिक प्रोजेक्ट पर फोकस था क्योंकि इसमें एक बड़ा मिशन था."
पुर्जा ने कहा, "शुरू में, प्लान सिर्फ G2 पर चढ़ने का था. लेकिन पाकिस्तान के लिए निकलने से ठीक पहले मैंने अपनी 8000m की चोटियों के नंबर देखे. तभी मुझे एहसास हुआ कि अगर मैं यहां रहते हुए ब्रॉड पीक पर टिक कर देता हूं, तो सिर्फ एक 'चो ओयू' बचता है. फिर मैं इतिहास में सभी 14 आठ-हजारों की चोटियों पर दो बार चढ़ने वाला पहला व्यक्ति बन जाऊंगा. वो भी बिना ऑक्सीजन के."
एवलांच के बाद भी उम्मीद थी कि निर्मल पुजारा ज़िंदा वापस आ जाएं क्योंकि उनके ट्रैकिंग डिवाइस में हलचल दिख रही थी. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.

लापता होने के बाद रेस्क्यू टीमों ने बताया, सुबह हलचल देखी गई जिससे उन्हें यकीन हो गया कि पुर्जा जिंदा हैं, होश में हैं और रेस्क्यू का इंतजार कर रहे हैं. इमरजेंसी टीमें उन्हें जिंदा खोजने की उम्मीद में एक हाई-एल्टीट्यूड रिकवरी मिशन को कोऑर्डिनेट करती रहीं.
लेकिन बाद में यह साफ हो गया कि ब्रॉड पीक एवलांच से किसी के भी बचने की उम्मीद लगभग जीरो थी. सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल लोगों ने कहा कि उनका सबसे बुरा डर तब सच हो गया जब बेस कैंप से उड़ाए गए एक ड्रोन ने पहाड़ के कॉनकॉर्डिया साइड पर कैंप I के ठीक नीचे चार क्लाइंबर्स, निर्मल पुर्जा निम्सदाई, किली पेम्बा शेरपा, नीमा शेरपा और वांग झोंग की बॉडी देखीं.
उसी सर्च टीम ने यह भी बताया कि एवलांच में फंसे सभी 10 क्लाइंबर्स की मौत कॉनकॉर्डिया की तरफ हो गई होगी.
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