- चूहों ने विस्थापित अमानि अबू सेल्मी के शादी के कपड़े कुतर दिए, जिससे उनका मनोबल टूटा है
- गाजा के अस्पतालों में चूहों के काटने से बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं, खासकर कमजोर लोगों में
- इजरायली प्रतिबंधों के कारण कीटनाशकों का उपयोग नहीं हो पा रहा है, जिससे चूहों की समस्या बढ़ रही है
गाजा में विस्थापित फिलिस्तीनियों के तंबू शिविरों में चूहे और परजीवी तेजी से फैल रहे हैं, सोते समय बच्चों की उंगलियों और पैरों की उंगलियों को काट रहे हैं, लोगों के बचे-खुचे कीमती सामानों को कुतर रहे हैं और बीमारियां फैला रहे हैं. यह प्रकोप ऐसे समय में सामने आया है जब गाजा के 20 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं, जिनमें से कई अब बमबारी से तबाह हुए घरों और खुले मैदानों, सड़कों के किनारे या नष्ट हुई इमारतों के खंडहरों पर बने अस्थायी तंबुओं में रह रहे हैं.
अपनी शादी के दिन से कुछ ही दिन पहले, दक्षिण में खान यूनिस में अपने परिवार के साथ विस्थापित अमानि अबू सेल्मी ने पाया कि चूहों ने उनके शादी के कपड़ों और थैलों को कुतर दिया था, उस जर्जर तंबू के अंदर जहां वे शरण लिए हुए थे. उन्होंने और उनकी मां ने रॉयटर्स को वे छेद दिखाए जो चूहों ने उनके गाउन में किए थे, एक पारंपरिक बरगंडी कढ़ाई वाला गाउन जो फिलिस्तीनी शादियों में पहना जाता है. 20 वर्षीय अबू सेल्मी ने कहा, "मेरी सारी खुशी चली गई, वह उदासी में बदल गई, दिल टूटने में बदल गई - मेरा सारा सामान चला गया, मेरी शादी का सारा सामान चला गया."
-
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही कांग्रेस, इतनी तो लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...! -
'मत्स्य न्याय' के उदाहरण से पीएम मोदी ने UN पर क्या कुछ कह दिया? -
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश -
PM Modi Speech: Covid-19 का जिक्र कर PM मोदी ने बताई भारत की ताकत! कही ये बातें | NDTV India -
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब
सोते लोगों पर चूहों का हमला
खलील अल-मशहरवी ने बताया कि कुछ सप्ताह पहले उनके 3 वर्षीय बेटे के हाथ और पैर की उंगलियों पर एक चूहे ने काट लिया था. पिछले शुक्रवार को उन्हें भी चूहे ने काट लिया. उन्होंने बताया कि अब वे और उनकी पत्नी बारी-बारी से सोते हैं ताकि अपने बच्चों और खुद को चूहों के इस प्रकोप से बचा सकें, जिसे वे न तो नियंत्रित कर सकते हैं और न ही खुद का बचाव कर सकते हैं. गाजा के खंडहर घरों और तंबू शिविरों में चूहे पकड़ने के जाल लगभग अप्रभावी हैं.
उत्तरी गाजा के तुफ्फा इलाके में अपने परिवार के साथ अपने घर के खंडहरों में रहने वाले 26 वर्षीय अल-मशहरवी ने कहा, "वे सोते समय हमला करते हैं. वे एक-दो दिन के लिए गायब हो जाते हैं, फिर दोबारा हमला करते हैं और घर के फर्श की टाइलों के नीचे से अपना रास्ता बना लेते हैं."
गाजा के सबसे बड़े अस्पताल के प्रमुख मोहम्मद अबू सेल्मिया ने कहा कि गर्मियों के आने और इजरायल द्वारा चूहे मारने की दवा जैसे कीटनाशकों पर प्रतिबंध के मद्देनजर, उन्हें उम्मीद है कि समस्या और भी बदतर हो जाएगी. इजरायल आम तौर पर गाजा में उन वस्तुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाता है जिनका उसके अनुसार सैन्य और नागरिक दोनों तरह से उपयोग हो सकता है. अल शिफा अस्पताल के अबू सेल्मिया ने कहा, "हर दिन अस्पतालों में चूहों से संबंधित घटनाओं के कारण भर्ती होने वाले मरीजों के मामले दर्ज किए जा रहे हैं, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों में."
अबू सेल्मिया ने यह भी कहा कि चूहे के काटने से होने वाले बुखार, लेप्टोस्पाइरोसिस और यहां तक कि प्लेग जैसी खतरनाक बीमारियों के फैलने को लेकर व्यापक भय और गंभीर चिंता है.
'विनाशग्रस्त जीवन स्तर' में चूहों का प्रकोप
अक्टूबर में इजरायल और हमास के बीच हुए युद्धविराम से गाज़ा में फ़िलिस्तीनियों की पीड़ा में कोई खास कमी नहीं आई है, जहां इजरायल ने सीवेज और स्वच्छता व्यवस्था को लगभग पूरी तरह नष्ट कर दिया है और मानवीय सहायता पर भी इजरायली प्रतिबंध लागू हैं.
इजरायल गाज़ा पर प्रतिबंध लगाने के लिए सुरक्षा चिंताओं का हवाला देता है, जहां वह लगातार घातक हमले कर रहा है और कहता है कि उसकी यह कार्रवाई हमास से मिल रही धमकियों के कारण है। अक्टूबर से अब तक इजरायल 800 से अधिक फ़िलिस्तीनियों को मार चुका है, जबकि इसी दौरान चार इजरायली सैनिक भी मारे गए हैं.
कचरा संग्रहण लगभग ठप होने के कारण, दूषित पानी और कूड़ा-करकट उन तंबू-बस्तियों के पास जमा हो गया है जहां परिवार सोते, खाना बनाते और नहाते हैं. सहायता समूहों का कहना है कि इससे चूहों और परजीवियों को पनपने के लिए एक अनूठा वातावरण मिल गया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थानीय प्रतिनिधि रेनहिल्डे वैन डे वेर्ड्ट ने बताया कि इस साल अब तक गाज़ा में चूहों और बाह्य परजीवियों से होने वाले संक्रमण के लगभग 17,000 मामले सामने आए हैं. उन्होंने कहा, "जब लोग एक ध्वस्त जीवन शैली में रहते हैं तो यह दुर्भाग्यपूर्ण लेकिन अनुमानित परिणाम होता है."
ये भी पढ़ें-
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं