
नेपाल में हुए संविधान सभा के चुनाव में नेपाल की एकीकृत कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी (यूसीपीएन-एम) के प्रमुख पुष्प कुमार दहाल उर्फ प्रचंड को गंभीर झटका लगा है। उनके परिवार के तीन सदस्य चुनाव में बुरी तरह पराजित हुए हैं।
नेपाल में माओवादी हिंसक आंदोलन के अंत के बाद 2006 में शांति प्रक्रिया में शामिल होने के उग्र वामपंथियों के फैसले के बाद प्रचंड नेपाल में एक बड़े नेता के रूप में सामने आए थे।
लेकिन 2013 के संविधानसभा के लिए हुए चुनाव परिणाम के सामने आने के बाद उनकी पार्टी को पूरे देश में शर्मनाक पराजय का सामना करना पड़ा है। वर्ष 2008 में हुए चुनाव में 240 में से 120 सीटें जीत कर उनकी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी थी।
पार्टी के कई बड़े नेताओं को जनता ने धूल चटा दिया है और वर्ष 2008 के चुनाव में बने कई माओवादी किले इस बार ध्वस्त हो गए हैं।
नेपाल चुनाव आयोग के मुताबिक शनिवार सुबह तक माओवादी पार्टी को महज 24 सीटें ही हाथ लग पाई थी। मध्य मार्गी दक्षिण पंथी कांग्रेस और सुधारवादी नेपाल की कमयुनिस्ट पार्टी-एकीकृत माओवादी लेनिनवादी (सीपीएन-यूएमएल) उससे बहुत आगे चल रही थी। नेपाली कांग्रेस को 93 और सीपीएन-यूएमएल को 80 सीटें हासिल हो चुकी थी।
इससे पहले काठमांडू क्षेत्र संख्या 10 में पराजय के साथ ही प्रचंड को झटके की शुरुआत हो गई थी। इस सीट पर वे नेपाली कांग्रेस के प्रत्याशी रंजन केसी के हाथों बुरी तरह पराजित हो गए। मजेदार बात यह है कि 2008 के चुनाव में प्रचंड ने रंजन केसी को पराजित किया था।