काठमांडू:
नेपाल के सबसे प्रभावशाली माओवादी नेता काठमांडू में करोड़ों रुपये के एक भव्य महल को अपना निवास स्थान बनाने को लेकर आलोचनाओं से घिर गए हैं और वरिष्ठ पत्रकारों ने इसे लाल सामंतवाद का उदाहरण करार दिया है।
पंद्रह सौ वर्गमीटर में फैला यह महल 19.60 करोड़ रुपये मूल्य का है और प्रधानमंत्री के बालूवाटर स्थित सरकारी आवास, राष्ट्रपति भवन तथा महाराजगंज स्थित पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र के महल से महज आधे किलोमीटर दूरी पर है। इस महल में पार्किंग के लिए बहुत बड़ी जगह है तथा एक टेबिल टेनिस हॉल भी है।
जाने-माने अखबार अन्नपूर्णा पोस्ट के कार्यकारी संपादक गुणराज लूटेल ने टिप्पणी की है कि यह कोई आश्चर्यजनक नहीं है कि प्रचंड राजधानी में ऐसे शानोशौकत वाले महल में चले गए हैं क्योंकि उनकी पार्टी ने संघर्ष के दौरान और उसके बाद विभिन्न तरीकों से अकूत संपत्ति जमा कर ली है। उन्होंने प्रचंड के नए आवास को लाल सामंतवाद का उदाहरण करार दिया। प्रचंड दुनिया के निर्धनतम देशों में एक के नागरिक हैं लेकिन दक्षिण एशिया के सर्वाधिक धनी नेताओं में एक हैं।
पंद्रह सौ वर्गमीटर में फैला यह महल 19.60 करोड़ रुपये मूल्य का है और प्रधानमंत्री के बालूवाटर स्थित सरकारी आवास, राष्ट्रपति भवन तथा महाराजगंज स्थित पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र के महल से महज आधे किलोमीटर दूरी पर है। इस महल में पार्किंग के लिए बहुत बड़ी जगह है तथा एक टेबिल टेनिस हॉल भी है।
जाने-माने अखबार अन्नपूर्णा पोस्ट के कार्यकारी संपादक गुणराज लूटेल ने टिप्पणी की है कि यह कोई आश्चर्यजनक नहीं है कि प्रचंड राजधानी में ऐसे शानोशौकत वाले महल में चले गए हैं क्योंकि उनकी पार्टी ने संघर्ष के दौरान और उसके बाद विभिन्न तरीकों से अकूत संपत्ति जमा कर ली है। उन्होंने प्रचंड के नए आवास को लाल सामंतवाद का उदाहरण करार दिया। प्रचंड दुनिया के निर्धनतम देशों में एक के नागरिक हैं लेकिन दक्षिण एशिया के सर्वाधिक धनी नेताओं में एक हैं।