प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूजीलैंड पहुंचे, तो वहां की धरती पर उनका स्वागत कुछ ऐसा हुआ जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया. पीएम मोदी को न्यूजीलैंड की मूल निवासी 'माओरी' जनजाति के पारंपरिक 'पोविरी' से स्वागत किया गया.
अगर आपको याद हो तो ये वही माओरी संस्कृति है, जो बीते साल पूरी दुनिया में तब चर्चा का विषय बन गई थी जब न्यूजीलैंड की संसद में एक युवा महिला सांसद हाना रावहिती मापी क्लार्क ने सरकार के एक बिल के विरोध में पारंपरिक 'हाका' नृत्य किया था.
संसद के भीतर आंखें बड़ी-बड़ी कर, हुंकार भरकर किए गए उस शक्तिशाली डांस का वीडियो महीनों तक सोशल मीडिया पर वायरल रहा. अब उसी माओरी संस्कृति के सबसे खास और पवित्र अनुष्ठान 'पोविरी' से पीएम मोदी का स्वागत करके न्यूजीलैंड ने भारत के साथ अपने रिश्तों की गहराई को बयां किया है.
माओरी परंपराओं के बीच पीएम मोदी का भव्य स्वागत! 🇮🇳🤝🇳🇿
— BJP (@BJP4India) July 11, 2026
न्यूजीलैंड दौरे पर गए प्रधानमंत्री श्री @narendramodi का ऑकलैंड के गवर्नमेंट हाउस में पारंपरिक माओरी रीति-रिवाजों के साथ औपचारिक स्वागत किया गया।
इस खास मौके पर उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' भी दिया गया।
यह भव्य स्वागत भारत और… pic.twitter.com/SY9yrukX6r
क्या होता है माओरी 'पोविरी' और क्यों है यह इतना अहम?
माओरी संस्कृति में 'पोविरी' कोई साधारण स्वागत समारोह नहीं है. यह एक बेहद पवित्र और सदियों पुराना अनुष्ठान है. ये किसी बेहद खास मेहमान के स्वागत में किया जाता है. माओरी परंपरा के अनुसार, जब कोई बाहरी व्यक्ति उनके इलाके में आता है, तो उसे तब तक विदेशी माना जाता है, जब तक कि यह स्वागत प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती.
कैसे होता है यह पारंपरिक स्वागत?
पोविरी की प्रक्रिया काफी दिलचस्प होती है. पूरा स्वागत कई चरणों में बंटा होता है.सबसे पहले होता है करंगा. इसमें माओरी महिलाएं एक खास तरह की ऊंचे सुर वाली आवाज निकालती हैं. इसके जरिए मेहमानों को आगे आने का आमंत्रण दिया जाता है.
फिर होता है वाइकेरो. यह इस रस्म का सबसे रोमांचक हिस्सा है. इसमें माओरी योद्धा पारंपरिक हथियारों के साथ मेहमान के सामने आते हैं और जमीन पर एक टोकन रखते हैं. अगर मेहमान उसे उठा लेता है, तो इसका मतलब होता है कि वह शांति का संदेश लेकर आया है और उसका इरादा नेक है. पीएम मोदी के सामने भी जब यह चुनौती रखी गई, तो उन्होंने पूरे सम्मान के साथ इसे स्वीकार किया.
फिर होता है हाका. इसके बाद माओरी पुरुष और महिलाएं जोश से भरपूर पारंपरिक नृत्य 'हाका' करते हैं. यह वही हाका है जो न्यूजीलैंड की रग्बी टीम मैच से पहले करती है और जिसकी झलक पिछले साल वहां की संसद में भी देखने को मिली थी.
इस पूरी रस्म का समापन 'हौंगी' से होता है, जिसमें मेजबान और मेहमान आपस में एक-दूसरे की नाक और माथा छूते हैं. माओरी संस्कृति में माना जाता है कि ऐसा करने से दोनों के बीच 'जीवन की सांस' का आदान-प्रदान होता है और वे एक-दूसरे से आत्मिक रूप से जुड़ जाते हैं.
ニュージーランドで議会の決定に抗議する先住民の議員
— ぴろん (@pirooooon3) July 10, 2026
先住民族マオリの権利を守る根幹の条約を、政府が見直そうとしたことへの猛反発
何かを守るには
これくらいの迫力は必要かも!
そう思いませんか? pic.twitter.com/xU4dtonzTw
जब संसद में हाका डांस करने लगी थी सांसद
माओरी जनजाति का ये डांस पहले भी दुनिया ने देखा है. न्यूजीलैंड की संसद में नवंबर 2024 को एक विवादास्पद विधेयक का विरोध करते हुए 22 वर्षीय माओरी सांसद हाना क्लार्क ने सदन में जोरदार 'हाका' डांस किया था. तब उनका वीडियो दुनियाभर में वायरल हुआ था.
हाना ने सदन में बहस के दौरान स्वदेशी संधि विधेयक (माओरी और अंग्रेजों के बीच 184 साल पुरानी संधि) की कॉपी फाड़ दी थी और पारंपरिक उग्र 'हाका' नृत्य करना शुरू कर दिया था. उनके इस पारंपरिक और शक्तिशाली प्रदर्शन में अन्य विपक्षी सांसद भी शामिल हो गए थे और फिर कार्यवाही रोकनी पड़ी थी.
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