भारत सरकार ने भारत में प्रेस की आजादी और मानवाधिकारों को लेकर एक नॉर्वेजियन पत्रकार के सवालों का कड़ा जवाब दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओस्लो यात्रा के दौरान मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने भारत के लोकतंत्र, संविधान, विविधता और मानवाधिकार रिकॉर्ड का जिक्र किया. उन्होंने कुछ “अज्ञानी एनजीओ” की रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया. विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “हम दुनिया की कुल आबादी का छठा हिस्सा हैं, लेकिन दुनिया की समस्याओं का छठा हिस्सा नहीं हैं. हमारे पास एक संविधान है जो लोगों को मौलिक अधिकार देता है.”
वह एक नॉर्वेजियन पत्रकार के सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसने पूछा था कि “भारत पर भरोसा क्यों किया जाना चाहिए?” राजनयिक ने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को मौलिक अधिकार देता है और अगर इन अधिकारों का उल्लंघन होता है तो कानूनी उपाय भी उपलब्ध कराता है. उन्होंने कहा, “हमारे देश की महिलाओं को बराबरी के अधिकार मिले हुए हैं, जो बहुत महत्वपूर्ण है. हम समानता में विश्वास करते हैं, हम मानवाधिकारों में विश्वास करते हैं. अगर किसी के अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो उसे अदालत जाने का अधिकार है. हमें लोकतंत्र होने पर गर्व है.”
उन्होंने कहा कि दूसरे देशों के लोगों को “भारत के बड़े आकार और विविधता की समझ नहीं है... वे कुछ अज्ञात और अज्ञानी एनजीओ की एक-दो रिपोर्ट पढ़ लेते हैं और फिर सवाल पूछने आ जाते हैं.” अधिकारी ने कहा कि भारत के अंदर होने वाली जटिल बहसों को बाहर के लोग बहुत आसान तरीके से समझने की कोशिश करते हैं.
भारत के कानून और अंतरराष्ट्रीय नियमों के पालन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “भारत एक ऐसा देश है जो कानून के शासन में विश्वास करता है. हम हमेशा नियमों का पालन करते आए हैं. हम नियमों के मुताबिक काम करते हैं. यही भारत की पहचान है."
भारत ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री की टिप्पणी भी खारिज की
विदेश मंत्रालय का यह कड़ा जवाब उस बयान के एक दिन बाद आया, जब नई दिल्ली ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन की उन कथित टिप्पणियों को खारिज कर दिया था, जिनमें भारत में मीडिया की आजादी कम होने और धार्मिक व अल्पसंख्यक अधिकार कमजोर पड़ने की बात कही गई थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान मीडिया से बात करते हुए विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि इस तरह की चिंताएं भारत को सही तरीके से न समझ पाने की वजह से पैदा होती हैं. उन्होंने भारत की सभ्यता और विविधता पर भी जोर दिया.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं