पनामागेट मामला : जांच पैनल के समक्ष हाजिर हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (फाइल फोटो)
इस्लामाबाद:
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पनामागेट घोटाला मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित दल के समक्ष गुरुवार को हाजिर हुए. वह पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री हैं, जो पद पर रहते हुए, इस तरह के पैनल के सामने पेश हुए हैं.
शरीफ की बेटी मरियम नवाज ने न्यायिक अकादमी रवाना होने के पहले अपने पिता और उनके प्रमुख सहयोगियों की एक तस्वीर पोस्ट करके ट्वीट किया कि आज के दिन ने इतिहास रच दिया है और बहु प्रतीक्षित और स्वागत योग्य उदाहरण स्थापित किया है. संयुक्त जांच दल (जेआईटी) के प्रमुख वाजिद जिया ने शरीफ को मामले से जुडे सभी कागजात ले कर आज छह सदस्यीय दल के समक्ष तलब किया.
पेशी से पहले प्रधानमंत्री ने सुबह अपने परिजनों और करीबी सहयोगियों से विचार विमर्श किया. शरीफ ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से उन्हें इस्लामाबाद की न्यायिक अकादमी तक उनके साथ जाने अथवा वहां उनको लेने आने के लिए मना किया है. शरीफ (67) के कजाख्स्तान से वापस लौटने के बाद उन्हें समन जारी किया गया. शरीफ शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए कजाखस्तान गए थे.
सुप्रीम कोर्ट ने पनामा पेपर मामले में 20 अप्रैल को जेआईटी का गठन किया था और उसे प्रधानमंत्री, उनके बेटे और मामले से जुड़े किसी भी अथवा व्यक्ति से पूछताछ करने का अधिकार दिया था. यह दल धन शोधन मामले की जांच कर रहा है जिसके जरिए लंदन के पॉश पार्क लेन क्षेत्र में चार अपार्टमेंट खरीदे गए थे. हालांकि शरीफ ने इन आरोपों से इनकार किया है. जेआईटी को 60 दिन में अपनी जांच पूरी करनी है.
(न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट पर आधारित)
शरीफ की बेटी मरियम नवाज ने न्यायिक अकादमी रवाना होने के पहले अपने पिता और उनके प्रमुख सहयोगियों की एक तस्वीर पोस्ट करके ट्वीट किया कि आज के दिन ने इतिहास रच दिया है और बहु प्रतीक्षित और स्वागत योग्य उदाहरण स्थापित किया है. संयुक्त जांच दल (जेआईटी) के प्रमुख वाजिद जिया ने शरीफ को मामले से जुडे सभी कागजात ले कर आज छह सदस्यीय दल के समक्ष तलब किया.
पेशी से पहले प्रधानमंत्री ने सुबह अपने परिजनों और करीबी सहयोगियों से विचार विमर्श किया. शरीफ ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से उन्हें इस्लामाबाद की न्यायिक अकादमी तक उनके साथ जाने अथवा वहां उनको लेने आने के लिए मना किया है. शरीफ (67) के कजाख्स्तान से वापस लौटने के बाद उन्हें समन जारी किया गया. शरीफ शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए कजाखस्तान गए थे.
सुप्रीम कोर्ट ने पनामा पेपर मामले में 20 अप्रैल को जेआईटी का गठन किया था और उसे प्रधानमंत्री, उनके बेटे और मामले से जुड़े किसी भी अथवा व्यक्ति से पूछताछ करने का अधिकार दिया था. यह दल धन शोधन मामले की जांच कर रहा है जिसके जरिए लंदन के पॉश पार्क लेन क्षेत्र में चार अपार्टमेंट खरीदे गए थे. हालांकि शरीफ ने इन आरोपों से इनकार किया है. जेआईटी को 60 दिन में अपनी जांच पूरी करनी है.
(न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट पर आधारित)
पूरी स्टोरी पढ़ें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
Panamagate Case, Panamagate, PM Nawaz Sharif