- वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत की आर्थिक विकास दर सात प्रतिशत के करीब पहुंचने की संभावना है.
- आयकर सुधार, जीएसटी व्यवस्था में सुधार और श्रम न्यायालय लागू करने से अर्थव्यवस्था की गति में सुधार हुआ है.
- कस्टम ड्यूटी और वित्तीय क्षेत्र में सुधार आत्मनिर्भर भारत के लिए घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाएंगे.
नए साल की शुरुआत के साथ ही बजट पर चर्चा शुरू हो गई है. आम तौर पर एक फरवरी को बजट पेश किए जाने की परंपरा है. लेकिन इस बार एक फरवरी को रविवार का दिन पड़ने से बजट डेट में बदलाव की संभावना है. इस बीच नीति आयोग के सदस्य और प्रमुख अर्थशास्त्री डॉ. अरविंद विरमानी ने NDTV से हुई विशेष बातचीत में आर्थिक विकास के साथ-साथ बजट से जुड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा की. अर्थशास्त्री डॉ. अरविंद विरमानी ने वित्तिय वर्ष 2025-26 के आर्थिक विकास दर पर कहा कि मैंने इस फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत में 6.5% का GDP ग्रोथ फोरकास्ट दिया था. मेरा पूर्वानुमान +_ 0.5% के साथ था.
उन्होंने आगे कहा कि अब लग रह भारतीय अर्थव्यवस्था वित्तिय वर्ष 2025-26 में 7% की विकास दर की तरफ बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि हो सकता है वित्तिय वर्ष 2025-26 में आर्थिक विकास दर 7% से थोड़ा ऊपर भी जा सकती है. प्रधानमंत्री ने कहा है कि आर्थिक सुधार की गाड़ी तेजी से आगे बढ़ रही है.
डॉ. अरविंद विरमानी ने बताए भारत के तेज विकास का कारण
इनकम टैक्स सुधार, जीएसटी व्यवस्था में सुधार और लेबर कोर्ट को लागू करने की वजह से अर्थव्यवस्था की रफ्तार में सुधार हो रहा है. कस्टम ड्यूटी रिफॉर्म और फाइनेंशियल सेक्टर रिफॉर्म्स एक्सपेक्टेड है. कस्टम ड्यूटी रिफॉर्म जरूरी है क्योंकि आत्मनिर्भर भारत के लिए हमें डोमेस्टिक सप्लाई चैन मजबूत करनी है.
डॉ. अरविंद विरमानी ने आगे कहा कि मैन्युफैक्चरिंग में अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में अनिश्चित बड़ी है, कुछ देशों ने जैसे रेयर अर्थ मेटल की सप्लाई को रोक दिया है. हालांकि केंद्र सरकार की तरफ से रिफॉर्म की गाड़ी आगे बढ़ रही है. पब्लिक सेक्टर का रिफॉर्म भी बड़े स्तर पर हो रहा है.
'AI, बायोटेक्नोलॉजी पर भविष्य की जरूरत के हिसाब से ज्यादा खर्च'
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी जैसे सेक्टरों पर अगर आप ज्यादा पैसे खर्च करेंगे तो यह भविष्य की जरूरत को देखकर ही किया जा रहा है. डॉ. अरविंद विरमानी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि सुदर्शन चक्र बनाएंगे. उसके लिए डिफेंस सेक्टर में एलोकेशन ज्यादा करनी पड़ेगी. ताकि सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हो.
'2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए हर राज्य को बनाना होगा विकसित'
विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आर्थिक सुधार की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ना जरूरी होगा. भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने के लिए हमें देश के हर राज्य को भी विकसित राज्य बनाना होगा. राज्यों को लैंड रिफॉर्म्स, इंडस्ट्रियल लैंड, रियल एस्टेट के डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान देना होगा.
विकसित भारत के लिए राज्यों को किन चीजों पर देना होगा ध्यान
राज्यों को Human Capital विकसित करने पर विशेष फोकस देना होगा. वर्कफोर्स के स्किल डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान देना होगा. इलेक्ट्रिसिटी का डिस्ट्रीब्यूशन राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आता है. इलेक्ट्रिसिटी किस रेट पर इंडस्ट्री को दी जा रही है इस पर भी इंडस्ट्रियल ग्रोथ पर असर पड़ता है. अगर बिजली की सप्लाई प्रोडक्शन कॉस्ट से दोगुनी रेट पर इंडस्ट्री को दी जाती है तो इसका असर इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन पर भी पड़ सकता है
वेनेजुएला के ऑयल फील्ड्स रिवाइव हुए तो सस्ता होगा पेट्रोल-डीजलः डॉ. अरविंद विरमानी
वेनेजुएला पर अमेरिका हमले की चर्चा करते हुए अर्थशास्त्री डॉ. अरविंद विरमानी ने कहा कि कच्चा तेल भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. वेनेजुएला की जो ऑयल फील्ड्स है वह अभी कुछ खराब हुई है. मुझे लगता है कि 6 महीने या उसके बाद अगर वह ऑयल फील्ड्स वेनेजुएला में रिवाइव होंगे तो इससे तेल ज्यादा अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में पहुंचेगी और तेल की कीमतें घटेंगी. अगर ऐसा कुछ सीन बनता है तो इससे भारत को फायदा होगा अगर कच्चा तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार में सस्ता होता है.
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