- पाकिस्तान के KP में विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस स्टेशन के पास भीड़-भाड़ वाले इलाके में आत्मघाती धमाका हुआ
- सुसाइड बम धमाके में आठ पुलिस अधिकारियों सहित तेरह लोगों की मौत हो गई है. कम से कम 22 लोग घायल हैं
- धमाके का मंजर वीडियो में कैद, दिखा की कैसे बम फटने के तुरंत बाद इलाके में अफरातफरी मच गई
आतंकवाद को अपनी नेशनल पॉलिसी बनाने वाले पाकिस्तान को यही आतंकवाद कुरेद-कुरेद कर हर दिन खा रहे हैं. अब पाकिस्तान के स्वात जिले में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस स्टेशन के पास भीड़-भाड़ वाले इलाके में आत्मघाती धमाका (सुसाइड अटैक) हुआ. इस हमले में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई और लगभग दो दर्जन लोग घायल हो गए. अब सोशल मीडिया पर हमले का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह पल कैद हो गया है जब अटैक हुआ. खैबर पख्तूनख्वा के स्वात जिले के काबल शहर में एक रैली थी. तभी उसे निशाना बनाया गया. इस रैली में प्रदर्शनकारी उग्रवाद-विरोधी नारे लगा रहे थे और शांति की मांग कर रहे थे.
बम फटने के तुरंत बाद इलाके में अफरातफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे.
मौका-ए-वारदात पर क्या हुआ?
प्रत्यक्षदर्शियों ने न्यूज एजेंसी एपी को बताया कि हमले से कुछ देर पहले, रैली में माइक पर कहा जा रहा था कि सुरक्षा सुनिश्चित करना और उग्रवाद को खत्म करना सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने अधिकारियों पर उग्रवादियों के खिलाफ कड़ा कदम न उठाने का आरोप भी लगाया और कहा कि इलाके में बरसों की हिंसा से तबाही के बाद निवासी बिना डर के जीना चाहते हैं. खैबर पख्तूनख्वा के प्रांतीय आपातकालीन सेवा के प्रवक्ता बिलाल फैजी ने एपी को बताया कि हमलावर ने उन दर्जनों लोगों को निशाना बनाया जो उग्रवाद-विरोधी नारे लगा रहे थे और शांति की मांग कर रहे थे.
BREAKING: A suicide blast struck Kabal Police Station in Swat district, Khyber Pakhtunkhwa, Pakistan, during a nearby peace rally. Reports indicate at least 16 people, including 10 police officers, were killed, with many others injured.#BreakingNews #Pakistan #Swat…
— WorldNewsRank (@WNewsRankX) August 3, 2026
उन्होंने कहा कि एक आत्मघाती हमलावर ने चौराहे पर स्थित पुलिस स्टेशन में घुसने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे मुख्य गेट पर ही रोक दिया.
खैबर पख्तूनख्वा में उग्रवाद की समस्या
यह हमला खैबर पख्तूनख्वा में हुआ, जहां अधिकारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के बढ़ते उग्रवाद से लड़ रहे हैं. किसी भी समूह ने तुरंत हमले की जिम्मेदारी नहीं ली. एक अन्य हमले में, प्रांतीय राजधानी पेशावर में घर पर बने बम के धमाके में चार पुलिस अधिकारी घायल हो गए. पुलिस के अनुसार, बाद में TTP ने इस हमले की जिम्मेदारी ली.
पाकिस्तान की सेना के आंकड़ों के अनुसार, इस साल देश में उग्रवादी हमलों और उसके बाद हुए अभियानों में 819 सुरक्षाकर्मी और आम नागरिक मारे गए हैं. पाकिस्तान ने पहले भी बॉर्डर से लगे इलाकों में हिंसा के लिए अफगानिस्तान से होने वाली चरमपंथी गतिविधियों को जिम्मेदार ठहराया है. काबुल में बैठी तालिबान सरकार इसमें अफगानिस्तान की किसी भी भूमिका से इनकार करती है.
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