अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर का स्थायी रूप देने और दूसरे दौर की शांति वार्ता की चर्चाओं के बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर बुधवार को ईरान पहुंच गए. आर्मी की ड्रेस पहनकर, निजी विमान से पहुंचे मुनीर की ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एयरपोर्ट पर अगवानी की. यह दिखाता है कि ईरान इस पहल को कितनी अहमियत दे रहा है.
मध्यस्थ बनकर ईरान पहुंचे मुनीर
पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग ने बताया कि मुनीर के साथ पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी भी ईरान गए हैं. उनका ये दौरान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता के मद्देनजर हो रहा है. ईरान के सरकारी टीवी ने इससे पहले बताया था कि पाकिस्तान से एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका का संदेश लेकर आने वाला है. मुनीर का ये दौरा अमेरिका और ईरान के बीच अगले राउंड की संभावित बातचीत से ठीक पहले हो रहा है.

शांति वार्ता का अगले राउंड जल्द
ऐसी चर्चाएं हैं कि दूसरे दौर की बातचीत भी पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में हो सकती है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेतों में इसकी पुष्टि की है. उन्होंने ये भी बताया है कि ये वार्ता बहुत जल्द होगी. मंगलवार को न्यूयॉर्क पोस्ट से बातचीत में ट्रंप ने इशारा किया था कि अगले दो दिनों में ये बातचीत हो सकती है.
वार्ता फेल, पर नहीं टूटा संपर्क
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने मीडिया को बताया था कि इस्लामाबाद में शनिवार को पहले दौर की वार्ता के बाद भी अमेरिका और ईरान मध्यस्थ पाकिस्तान के जरिए आपस में संपर्क बनाए हुए हैं. शनिवार को हुई आमने सामने की बातचीत में कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका था क्योंकि अमेरिका और ईरान दोनों ही अपनी अपनी शर्तों पर अड़े रहे थे.

पाकिस्तानी आर्मी चीफ मुनीर की अगवानी के लिए ईरानी विदेश मंत्री एयरपोर्ट पहुंचे.
ट्रंप ने ईरान पर मढ़ा दोष
21 घंटे की माथापच्ची के बाद भी बातचीत क्यों बिगड़ी, इसके बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है. लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बाद में ईरान पर होर्मुज स्ट्रेट न खोलने को दोष मढ़ा था. उन्होंने ये भी कहा था कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने से भी इनकार कर दिया है.
20 साल बनाम 5 साल
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका ने ईरान के सामने अगले 20 साल तक यूरेनियम का एनरिचमेंट रोकने की शर्त रखी थी. ईरान इसके लिए तैयार नहीं था. हालांकि वह 5 तक परमाणु गतिविधियां रोकने के लिए राजी हो गया था. लेकिन अमेरिका ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया.
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ईरान का जबाव, शर्तें अनुचित
बुधवार को ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी कहा कि वार्ता के दौरान अमेरिका की कुछ शर्तें अनुचित और हकीकत से दूर थीं. उन्होंने जोर देकर कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से परमाणु ऊर्जा का प्रयोग करना ईरान का अधिकार है, इस अधिकार को युद्ध के जरिए छीना नहीं जा सकता.
खाड़ी देशों के साधने पहुंचे शहबाज
एक तरफ पाकिस्तान के आर्मी चीफ मुनीर संभवतः ईरान को मनाने के इरादे से तेहरान पहुंचे हैं, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बुधवार को तीन देशों के चार दिनी दौरे पर निकले हैं. वह सऊदी अरब, यूएई और उसके बाद तुर्किए जाने वाले हैं. उनके दौरे का उद्देश्य भी मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को कम करना बताया जा रहा है.
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