विज्ञापन

शांति से हज कर सकें... खून-खराबा बकरीद तक रोकने के लिए साथ आए पाकिस्तान और अफगानिस्तान के 22 मौलवी

Pakistan Afghanistan War Ceasefire: अफगानिस्तान को चलाने वाले तालिबान ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी बलों ने बार-बार इस संघर्षविराम का उल्लंघन किया है और ईद के दौरान कुनार और नूरिस्तान में हमले किए हैं, जिनमें नागरिक हताहत हुए हैं.

शांति से हज कर सकें... खून-खराबा बकरीद तक रोकने के लिए साथ आए पाकिस्तान और अफगानिस्तान के 22 मौलवी
Pakistan Taliban War: हॉस्पिटल पर पाकिस्तान के हमले में 400 अफगानों की मौत हुई थी
  • पाकिस्तान और अफगानिस्तान के मौलवियों के समूह ने दोनों देशों से ईदुल अजहा तक सीजफायर बढ़ाने की अपील की है
  • 11 पाकिस्तानी और 11 अफगान मौलवियों ने मिलकर एक संयुक्त बयान जारी कर संघर्ष के समाधान की दिशा में कदम उठाया है
  • मौलवियों ने शांति के लिए लड़ाई में विराम बढ़ाने के साथ राजनयिक और सामाजिक प्रयासों की भी बात कही है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

Pakistan Afghanistan War Ceasefire: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के मौलवियों के एक समूह ने मंगलवार, 24 मार्च को दोनों पक्षों के अधिकारियों (सरकार और सेना) से सीजफायर को ईदुल अजहा (बकरीद) तक बढ़ाने की अपील की है. दरअसल दोनों देशों के बीच खूनखराबा जारी था लेकिन फिर पाकिस्तान सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने ईद-उल-फितर से तीन दिन पहले 18 मार्च को जंग को रोकने की घोषणा की थी. अब दोनों देशों के मौलवियों का यह समूह अपील कर रहा है कि जंग पर लगी रोक को ईद से बढ़ाकर बकरीद तक ले जाया जाए. यह रिपोर्ट पाकिस्तानी अखबार डॉन ने छापी है.

रिपोर्ट के अनुसार 11 पाकिस्तानी और 11 अफगान मौलवियों ने मंगलवार रात जारी एक संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर किए. इस बयान में कहा गया है: "सम्मानित सार्वजनिक और राजनीतिक विद्वानों और अफगानिस्तान और पाकिस्तान के सम्मानित ट्राइबल नेताओं के संयुक्त प्रयासों और सहयोग से, हम अपने दोनों देशों के बीच संघर्ष के स्थायी और सम्मानजनक समाधान की दिशा में एक ईमानदार, गंभीर और सौहार्दपूर्ण कदम उठा रहे हैं."

बयान में, दोनों पक्षों के मौलवियों ने पाकिस्तानी अधिकारियों और अफगान तालिबान से ईदुल अजहा तक लड़ाई पर रोक बढ़ाने का आग्रह किया ताकि लोग "शांतिपूर्ण माहौल" में हज कर सकें. बयान में कहा गया है कि "शांति आंदोलन" केवल लड़ाई में विराम की अवधि बढ़ाने की अपील तक सीमित नहीं होगा, बल्कि इस पहल के हिस्से के रूप में, इस्लामाबाद और काबुल के बीच लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों के "निष्पक्ष और स्वीकार्य" समाधान के लिए सभी संभव "राजनयिक और सामाजिक प्रयास" किए जाएंगे.

मौलवियों ने कहा कि उनके प्रयासों का उद्देश्य ऐसा समाधान ढूंढना है जो दोनों पक्षों के लिए सहमत हो और जो क्षेत्र में स्थायी स्थिरता और सद्भाव की नींव रख सके.

सीजफायर के बावजूद पाकिस्तान कर रहा हमले- अफगानिस्तान

अफगानिस्तान को चलाने वाले तालिबान ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी बलों ने बार-बार इस संघर्षविराम का उल्लंघन किया है और ईद के दौरान कुनार और नूरिस्तान में हमले किए हैं, जिनमें नागरिक हताहत हुए हैं. बीते शुक्रवार को अफगानिस्तान के सशस्त्र बलों के प्रमुख फसीहुद्दीन फितरत ने पाकिस्तान की सेना पर डूरंड लाइन के साथ संघर्षविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया था. अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, सीमा क्षेत्रों में पाकिस्तानी बलों की ओर से किए गए हमलों में कई लोगों की मौत हुई. पाकिस्तान के लगातार हमले 'ईमानदारी की कमी और धोखे' को दर्शाते हैं.

यह भी पढ़ें: ईद का त्योहार, अफगानिस्तान-पाकिस्तान पांच दिन के लिए हथियार रखने को तैयार

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com