अप्रैल माह की शुरुआत में जन्मे अपने बच्चे को न्यूयार्क की एक महिला ने पहली बार देखा, क्योंकि उसने बच्चे को उस समय जन्म दिया था, जब वह COVID-19 के गंभीर प्रकार से जूझते हुए कृत्रिम कोमा में वेन्टिलेटर पर रखी गई थी. 36-वर्षीय यानिरा सोरियानो के डॉक्टर ने समाचार एजेंसी AFP को बताया कि यानिरा को 11 दिन तक इन्टेंसिव केयर यूनिट में रखा गया था, जहां से वह 'चामत्कारिक रूप से' ठीक होकर बाहर निकलीं, ताकि अपनी चौथी संतान का स्वागत कर सकें.
बे शोर में साउथसाइड हॉस्पिटल में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के प्रमुख बेंजामिन श्वार्ट्ज़ ने कहा, "हम यह भी नहीं जानते थे कि वह बच पाएंगी या नहीं... वेन्टिलेटर पर जाने वाले अधिकतर मरीज़ बच नहीं पाते हैं..."
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लेकिन यानिरा सोरियानो ठीक हो गईं, और बुधवार को दर्ज़नों हेल्थकेयर कर्मियों की तालियों के बीच व्हीलचेयर पर बैठकर हॉस्पिटल से लौट गईं. वहां मौजूद हर शख्स की तरह मास्क लगाए उनके पति ने ही उनके बेटे 'वॉल्टर' को उनकी गोद में दिया.
यानिरा को कोरोनावायरस का संक्रमण उस वक्त हुआ, जब वह आठ माह की गर्भवती थीं. उसी वक्त उनके पति को भी संक्रमण हुआ, हालांकि उनका संक्रमण गंभीर नहीं था, सो, वह घर पर ही रहे. यानिरा सोरियानो को हॉस्पिटल में दाखिल करना पड़ा, और ऑक्सीजन चढ़ाना शुरू किया गया, लेकिन उनकी हालत बिगड़ती चली गई.
डॉक्टरों को आशंका थी कि ऑक्सीजन की कमी की वजह से बच्चे की जान को खतरा हो सकता है, और यह चिंता भी थी कि शायद उनके फूले हुए पेट के दबाव की वजह से उनके फेफड़े भी सामान्य रूप से काम नहीं कर पाएंगे.
उन्होंने तुरंत ही यानिरा को बताया कि एमरजेंसी सीज़ेरियन सेक्शन (ऑपरेशन के ज़रिये डिलीवरी) करना होगा, जिसके तुरंत बाद यानिरा को कृत्रिम कोमा में रख दिया जाएगा. यानिरा ने भी आग्रह किया कि बच्चे को बचाने के लिए जो भी ज़रूरी हो, वह किया जाए.
बेंजामिन श्वार्ट्ज़ के अनुसार, "महिला जानती थी कि ऐसा हो रहा है, लेकिन ऑपरेशन से ऐन पहले हालात बिगड़ गए, और उन्हें वेन्टिलेटर पर डालना पड़ा, और वह बच्चे के जन्म के समय भी जाग नही रही थीं..."
बच्चा कुछ हद तक प्रीमैच्योर (समय से पहले जन्म) था, लेकिन स्वस्थ है. उसे न्यूयार्क में बच्चों के अस्पताल में भेज दिया गया था, जहां से उसके पिता ने उसे मंगलवार को हासिल किया.
बहुत कम मामलों में COVID-19 से ग्रस्त महिलाओं द्वारा जन्मे बच्चों के टेस्ट पॉज़िटिव आते हैं, लेकिन वॉल्टर के मामले में ऐसा नहीं हुआ. जन्म के तुरंत बाद किया गया उसका टेस्ट बिल्कुल ठीक रहा.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं