- न्यू मुरब्बा प्रोजेक्ट को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद ने 2023 में लॉन्च किया था जो रियाद में फैलेगा
- इस प्रोजेक्ट में घर, होटल, दुकानें, ऑफिस, मनोरंजन स्थल शामिल होंगे और 2.8 लाख से ज्यादा लोग रहेंगे
- 'द मुकाअब' नाम का 400 मीटर लंबा चौड़ा और ऊंचा विशाल घनाकार ढांचा न्यू मुरब्बा का मुख्य आकर्षण होगा
सूखे रेगिस्तान के बीच सिर्फ इमारतें नहीं, बल्कि पूरा नया शहर बसाने की तैयारी है. शहर भी ऐसा कि उसके आगे भविष्य भी शरमा जाए. सऊदी अरब का न्यू मुरब्बा ऐसा ही एक मेगा प्रोजेक्ट है, जिसके बीचोंबीच 400 मीटर ऊंचा-चौड़ा मुकाअब खड़ा होगा. इसे पूरा होने के बाद रियाद का नया चेहरा बनाने की योजना है. लेकिन इस बड़े सपने की राह आसान नहीं है- प्रोजेक्ट की टाइमलाइन आगे बढ़ चुकी है और नेतृत्व में भी बदलाव हुआ है. आखिर न्यू मुरब्बा में ऐसा क्या बनने वाला है और काम अभी कहां तक पहुंचा है?
रेगिस्तान में बनेगा नया शहर
न्यू मुरब्बा को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने 2023 में लॉन्च किया था. यह रियाद में करीब 14.1 वर्ग किलोमीटर में फैलेगा. यहां घरों से लेकर होटल, दुकानें, ऑफिस, मनोरंजन की जगहें और सामुदायिक सुविधाएं (कम्यूनिटी फैसिलिटी) होंगी. प्रोजेक्ट में 2.5 करोड़ वर्ग मीटर से ज्यादा फ्लोर एरिया विकसित करने की योजना है.

न्यू मुरब्बा को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि रोजमर्रा की जरूरत की ज्यादातर चीजें पैदल करीब 15 मिनट में पहुंची जा सकें. आधिकारिक योजना के मुताबिक इसके करीब 25% हिस्से में ग्रीन स्पेस होगा. यहां 90 हजार से ज्यादा घर और 2.8 लाख से ज्यादा लोगों के रहने की योजना है. यानी रेगिस्तान के बीच सिर्फ कंक्रीट का जंगल नहीं, बल्कि हरियाली, घर, कारोबार, मनोरंजन और आधुनिक तकनीक से लैस एक नया डाउनटाउन तैयार करने की कोशिश है.
बीच में होगा 400 मीटर का मुकाअब
इस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी पहचान होगा मुकाअब. यह करीब 400 मीटर लंबा, 400 मीटर चौड़ा और 400 मीटर ऊंचा विशाल घनाकार ढांचा होगा. इसके अंदर दुकानें, होटल, घर, ऑफिस, सांस्कृतिक और मनोरंजन से जुड़ी जगहें बनाई जाएंगी. मुकाअब में AI, रोबोटिक्स और होलोग्राफिक तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को ऐसा अनुभव देने की योजना है, जैसा सामान्य इमारतों में नहीं मिलता. इसकी डिजाइन सऊदी के नज्दी वास्तुशिल्प से प्रेरित होगी. देखने में कुछ हद तक पवित्र स्थल काबा की तरह दिखता है.

न्यू मुरब्बा प्रोजेक्ट के बीचों-बीच 'द मुकाअब' स्थित होगा
काम कहां पहुंचा, देरी क्यों हो रही?
प्रोजेक्ट अभी पूरी तरह तैयार होने से काफी दूर है. शुरुआती योजना में इसे 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन अब इसकी समयसीमा 2040 तक खिसकने की बात सामने आई है. काम रुका नहीं है. साल 2025 तक न्यू मुरब्बा ने करीब 1.4 करोड़ क्यूब मीटर खुदाई पूरी कर ली थी और मुकाअब के स्थायी निर्माण की तैयारी शुरू हो चुकी थी. 2026 में भी इंफ्रास्ट्रक्चर, मोबिलिटी और दूसरे हिस्सों के लिए अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ काम आगे बढ़ रहा है.
इसी बीच न्यू मुरब्बा के नेतृत्व में भी बदलाव हुआ है. माइकल डाइक 2024 से कंपनी का नेतृत्व कर रहे थे. लेकिन अब सबह बराकत को कार्यवाहक CEO बनाया गया है.
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