विज्ञापन

अमेरिका-कनाडा से निकला 86 टन सोना, बीच में बदली लोकेशन, लंदन में जमा… 5 महीने तक कौन घुमा रहा था इतना गोल्ड

एक देश ने अपने सोने के भंडार में से 86 टन सोना अमेरिका और कनाडा से निकालकर लंदन पहुंचा दिया है. इस ऑपरेशन को इस तरह अंजाम दिया गया ताकि उसे गोल्ड बार को पिघलाकर दोबारा बनाने की जरूरत नहीं पड़ी.

अमेरिका-कनाडा से निकला 86 टन सोना, बीच में बदली लोकेशन, लंदन में जमा… 5 महीने तक कौन घुमा रहा था इतना गोल्ड
एक देश ने अपने सोने के भंडार में से 86 टन सोना अमेरिका- कनाडा से निकाल लंदन पहुंचाया
  • नीदरलैंड के केंद्रीय बैंक ने भू-राजनीतिक तनाव के चलते 86 टन सोना अमेरिका और कनाडा से लंदन ट्रांसफर किया है
  • यह कदम संकट की स्थिति में सोने का तुरंत उपयोग सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है
  • नीदरलैंड के कुल सोने का हिस्सा लंदन में बढ़कर 32.1% हो गया जबकि अमेरिका और कनाडा में यह घटकर 18.5% रह गया है

दुनिया में बढ़ते तनाव और देशों के बीच बिगड़ते रिश्तों के बीच एक देश ने अपने सोने के भंडार को लेकर बड़ा कदम उठाया है. इस देश के केंद्रीय बैंक ने अमेरिका और कनाडा से चुपके से 86 टन सोना लंदन पहुंचा दिया है और वह भी 5 महीने तक प्लानिंग को अंजाम देते हुए. इस बैंक ने कहा है कि ऐसा बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को देखते हुए किया गया है. बैंक के मुताबिक लंदन में रखा सोना जरूरत पड़ने पर न्यूयॉर्क और ओटावा में रखे सोने के मुकाबले जल्दी खरीदा-बेचा जा सकता है. यानी संकट के समय इसे तेजी से इस्तेमाल किया जा सकेगा.

क्या है पूरा मामला?

नीदरलैंड के केंद्रीय बैंक ने कहा है कि उसने अपने सोने के भंडार में से 86 टन सोना अमेरिका और कनाडा से निकालकर लंदन पहुंचा दिया है. नीदरलैंड के केंद्रीय बैंक का नाम डी नेदरलैंड्शे बैंक (DNB) है. द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार बैंक ने बुधवार को एक बयान में कहा कि उसकी इस कवायद से संकट की स्थिति में DNB के लिए सोने को सबसे जल्दी इस्तेमाल करना संभव होगा.

DNB के अध्यक्ष ओलाफ स्लेइपेन ने कहा, “इस कदम से हमने अपने सोने के भंडार को जरूरत के समय इस्तेमाल करने की क्षमता बेहतर की है. हमें उम्मीद है कि हमें कभी इस सोने का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. फिर भी अपनी तैयारी और मुश्किल हालात से निपटने की क्षमता को मजबूत करना जरूरी है.”

नीदरलैंड के सोने का भंडार

DNB के मुताबिक, 2025 के अंत तक नीदरलैंड के पास कुल 612.4 टन सोना था. इसकी कीमत करीब 72.2 अरब यूरो यानी लगभग 80 लाख करोड़ की है. सोना लंदन ले जाने से पहले नीदरलैंड के कुल सोने का 31.3 प्रतिशत हिस्सा न्यूयॉर्क में रखा था, जबकि 19.7 प्रतिशत हिस्सा ओटावा में था. लेकिन अब इस ट्रांसफर के बाद अमेरिका और कनाडा में नीदरलैंड के सोने का हिस्सा 18.5-18.5 प्रतिशत रह गया है. वहीं, लंदन में रखा नीदरलैंड का सोना 18.1 प्रतिशत से बढ़कर 32.1 प्रतिशत हो गया है.

नीदरलैंड अभी भी अपने कुल सोने का 30.8 प्रतिशत हिस्सा अपने देश में रखता है. DNB ने बताया कि सोना लंदन पहुंचाने का काम दो तरीकों से किया गया. कुछ सोना खरीद-बेचकर स्थान बदला गया और कुछ सोना वास्तव में एक जगह से दूसरी जगह ले जाया गया. बैंक ने अमेरिका और कनाडा से 27 टन से ज्यादा असली सोना निकालकर नीदरलैंड के शहर जाइस्ट पहुंचाया. इसके बाद इतनी ही मात्रा में सोना जाइस्ट से लंदन भेज दिया गया. इससे सोने की ईंटों यानी गोल्ड बार को पिघलाकर दोबारा बनाने की जरूरत नहीं पड़ी.

DNB ने कहा कि खरीद-बिक्री और सोने को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने, दोनों तरीकों का इस्तेमाल करने से बड़ी मात्रा में सोना सीधे ले जाने से जुड़े जोखिम कम हो गए. बैंक के मुताबिक, यह पूरी प्रक्रिया इस साल मार्च से अगस्त के बीच पूरी की गई.

यह भी पढ़ें: 50 करोड़ का सोना, 1.5 करोड़ कैश... मलबे से निकला नेपाल बाढ़ में बह चुका बैंक का खजाना, VIDEO

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Gold, Netherlands, Gold Price
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com