- पिछले सप्ताह से नेपाली चाय उत्पादकों ने चाय उत्पादन को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है
- भारत ने आयातित चाय पर कड़े गुणवत्ता जांच नियम लागू कर दिए हैं, अब नेपाल सरकार पर वहां का विपक्ष दबाव बना रहा
- नेपाल में हर दिन चाय की हरी पत्तियों के लाखों किलो नष्ट हो रहे हैं और रोजाना करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा
भारत में अच्छी चाय को लेकर अपनाई गई नई सख्ती से नेपाल की चाय इंडस्ट्री पर संकट आ गया है. फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं और हर दिन करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है. ऐसे में अब नेपाल के विपक्षी नेताओं ने बालेन शाह की सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए कहा है कि भारत के साथ तुरंत बातचीत कर इस समस्या का हल निकाला जाए, क्योंकि भारत ही नेपाली चाय का सबसे बड़ा बाजार है. नेपाली कांग्रेस के नेता भीष्मराज आंगदम्बे ने सरकार से देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली नेपाली चाय के निर्यात से जुड़ी समस्या को तुरंत हल करने की मांग की है.
PTI की रिपोर्ट के अनुसार इलाम जिले में इलाम नगर पालिका के 18वें महासम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए भीष्मराज आंगदम्बे ने बालेन सरकार से कहा कि भारत को नेपाली चाय के निर्यात में आ रही दिक्कतों को कूटनीतिक पहल के जरिए दूर किया जाए.
नेपाल में चाय का उत्पादन बंद
पिछले सप्ताह से नेपाली चाय उत्पादकों ने चाय उत्पादन को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है. इसका कारण यह है कि भारत ने आयातित चाय पर कड़े गुणवत्ता जांच नियम लागू कर दिए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आयात होने वाली चाय भारत के घरेलू गुणवत्ता मानकों का पालन करती है. यानी भारत ने तो क्लियर कर दिया है कि वह तो सिर्फ अच्छी चाय ही आयात करेगा.
नेपाल का विपक्ष क्या कह रहा?
विपक्षी नेता आंगदम्बे ने कहा कि बालेन सरकार चाय उद्योग की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है. इसके कारण हर दिन चाय की हरी पत्तियों के सैकड़ों हजार किलोग्राम नष्ट हो रहे हैं और रोजाना करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है. उन्होंने कहा, "हमने संसद में बार-बार यह मुद्दा उठाया है, लेकिन सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही है."
उन्होंने आगे कहा, "इस समस्या को हल करने के लिए भारत के साथ कूटनीतिक बातचीत शुरू न कर पाना सरकार की कमजोरी है."
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