- नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1342 हो गई है और देश अभी भी तबाही का सामना कर रहा है
- सोशल मीडिया पर बाढ़ प्रभावितों के खिलाफ नफरत भरे कमेंट्स के कारण नेपाल के साइबर ब्यूरो ने 10 लोगों की टीम बनाई
- PM बालेंद्र शाह ने चेतावनी दी है कि बाढ़ पीड़ितों का मजाक उड़ाने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी
नेपाल इस समय दर्द में है. प्रलयकारी बाढ़ अपने पीछे जो तबाही छोड़ गई है, उसके दर्द को सह रहा है. नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,342 हो गई है. लेकिन इस नाजुक समय में भी कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सोशल मीडिया पर बाढ़ से प्रभावित लोगों के खिलाफ गाली-गलौज और नफरत भरे कमेंट कर रहे हैं. ऐसे में नेपाल के साइबर ब्यूरो ने 10 लोगों की एक टीम बनाई है. यह टीम उन सोशल मीडिया यूजर्स की जांच करेगी, जिन पर नफरत भरे कमेंट करने का आरोप है. काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार यह कदम नेपाली प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की चेतावनी के बाद उठाया गया है. उन्होंने कहा था कि ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी.
रिपोर्ट के अनुसार साइबर ब्यूरो ने कहा कि वह उन लोगों की जानकारी जुटा रहा है, जिन्होंने बाढ़ से बचे लोगों के बारे में संवेदनहीन कमेंट किए हैं. खास बात यह है कि जिन लोगों को निशाना बनाया गया, उन्होंने अभी तक कोई आधिकारिक शिकायत नहीं की है.
शाह ने लिखा कि जो लोग इस मुश्किल समय में बेवजह कमेंट करते हैं, दर्द झेल रहे लोगों को नीचा दिखाते हैं या उन्हें और तकलीफ देने की कोशिश करते हैं, वे अपराधी हैं. सरकार उनके साथ कोई नरमी नहीं बरतेगी. इस पोस्ट के बाद साइबर ब्यूरो ने जांच शुरू कर दी.
10 लोगों की टीम काम पर लगी
काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार ब्यूरो के प्रवक्ता और पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार गिरी ने बताया कि अधिकारी उन सोशल मीडिया यूजर्स की प्रोफाइल देख रहे हैं, जिन्होंने गाली-गलौज वाले कमेंट किए हैं. अधिकारी उनके पते और फोन नंबर का भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं. गिरी ने कहा, “इस काम के लिए 10 लोगों की टीम काम कर रही है. ऐसा व्यवहार बाढ़ से बचे लोगों की परेशानी को और बढ़ाता है, इसलिए इसे रोकना जरूरी है. जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.”
प्रधानमंत्री की चेतावनी के बावजूद ऐसे कमेंट जारी हैं. रविवार को लीडर नेपाल नाम के एक फेसबुक पेज ने एक वीडियो पोस्ट किया. इसमें एक महिला एक छोटे बच्चे को गोद में लिए हुए अपने पति और दूसरे रिश्तेदारों को खोजने के लिए मदद की अपील कर रही थी. उसने सरकार से अपने और अपने दो बच्चों के सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने की भी अपील की. इस वीडियो पर कुछ लोगों ने महिला का मजाक उड़ाया और उसका अपमान किया.
नेपाल के कानून में इंटरनेट पर कुछ तरह के गाली-गलौज और गलत व्यवहार के लिए जुर्माने और जेल का प्रावधान है.
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