विज्ञापन

इस बार अलग नजर आएगी नेपाल की संसद, सड़क पर संघर्ष करने वालों को जनता ने चुना

Surendra Phuyal
  • ब्लॉग,
  • Updated:
    मार्च 09, 2026 13:42 pm IST
    • Published On मार्च 09, 2026 13:40 pm IST
    • Last Updated On मार्च 09, 2026 13:42 pm IST
इस बार अलग नजर आएगी नेपाल की संसद, सड़क पर संघर्ष करने वालों को जनता ने चुना

नेपाल के संसदीय चुनाव में रैपर से नेता बने व्यक्ति से लेकर सोशल मीडिया पर वायरल सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षा और वैज्ञानिक आविष्कारों को बढ़ावा देने वाले लोग और एक छोटे शहर के मेहनती मेयर, हर तरह के उम्मीदवार नजर आए. 
केवल काठमांडू के पूर्व मेयर बालेंद्र शाह (बालेन शाह) या उनकी पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के सहयोगी और पूर्व टीवी शो होस्ट रवि लामिछाने ही नहीं, बल्कि नेपाल में जेन-जी के आंदोलन के बाद हुए इस चुनाव में अलग-अलग पृष्ठभूमि के कई उम्मीदवार मैदान में थे. इनमें से बहुत से लोग पहली बार राजनीति में आए थे. 

आरएसपी करीब क्लीन स्वीप कर इतिहास बनाने की कगार पर है. बालेन शाह नेपाल के नए प्रधानमंत्री बनने की तैयारी में हैं.
लेकिन इस चुनाव में बालेन शाह ही एकमात्र अलग तरह का चेहरा नहीं हैं. आइए कुछ ऐसे ही दिलचस्प उम्मीदवारों के बारे में जानते हैं. 

आशिका तामांग, 33 आरएसपी

आशिका तामांग नेपाल में अपने वायरल वीडियो के कारण काफी प्रसिद्ध हैं. पिछले कुछ सालों में उन्होंने कई वीडियो बनाकर सार्वजनिक जगहों पर पेशाब करने वाले लोगों या नदी किनारे कचरा फेंकने वालों को खुलकर टोकते हुए दिखाया है. उनके सामाजिक संदेश वाले वीडियो फेसबुक रील्स, इंस्टाग्राम और टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म पर वायरल हुए. इससे उन्हें लोकप्रियता मिली. कभी-कभी 'नेपाली एंजेलिना जोली' के नाम से पुकारी जाने वाली आशिका को सार्वजनिक स्थान पर शालीन व्यवहार न करने की वजह से पुलिस के गुस्से का भी सामना करना पड़ा है. 

आशिका तमांग एक पूर्व नर्स और अभिनेत्री हैं, वो अपने भ्रष्टाचार विरोधी रुख के लिए जानी जाती हैं.

आशिका तमांग एक पूर्व नर्स और अभिनेत्री हैं, वो अपने भ्रष्टाचार विरोधी रुख के लिए जानी जाती हैं.

पूर्व नर्स और अभिनेत्री आशिका को उनके सामाजिक कार्यों और भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम की वजह से लोग प्यार से उन्हें 'दीदी' कहकर बुलाते हैं. पिछले साल के जेन-जी आंदोलन के दौरान उन्होंने घायल और मृत प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए धन इकट्ठा किया था. इसके लिए लोगों ने उनकी तारीफ की थी. उन्होंन जर्मनी में स्टाफ नर्स का भी काम किया है. उन्होंने धादिंग-1 सीट से आरएसपी उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीता है. उन्होंने 39 हजार से अधिक वोट प्राप्त कर सीपीएन-यूएमएल के वरिष्ठ नेता राजेंद्र पांडेय जैसे दिग्गज को हराया है. 

महाबीर पुन, 71, निर्दलीय

महाबीर पुन एक प्रसिद्ध नेपाली वैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ता हैं. उन्होंने 2000 के दशक में नेपाल वायरलेस नेटवर्किंग प्रोजेक्ट की स्थापना की. इसके जरिए पश्चिमी नेपाल के दूरदराज के पहाड़ी गांवों और स्कूलों को इंटरनेट से जोड़ा गया. उन्होंने 2012 में नेशनल इन्वेंशन सेंटर की स्थापना की थी. पिछले साल तक वह नेपाल के शहरों और गांवों में घूम-घूमकर अपनी आत्मकथा बेच रहे थे, ताकि विभिन्न सामाजिक परियोजनाओं के लिए धन जुटा सकें. उन्होंने आत्मनिर्भर सामुदायिक स्कूल खोला और ग्रामीण शिक्षा को समर्थन देने के लिए याक और खरगोश पालन जैसी परियोजनाएं शुरू कीं. उन्हें 2007 में 'रेमन मैग्सेसे' पुरस्कार से सम्मानित किया गया. उन्होंने अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ नेब्रास्का से मानद डॉक्टरेट प्राप्त की, जहां से उन्होंने दशकों पहले अपनी स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई पूरी की थी. इतने सम्मान मिलने के बावजूद उन्होंने सादा जीवन जीते हुए नेपाली समाज की सेवा जारी रखी.

महावीर पुन ने अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ नेब्रास्का से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है. उन्होंने वहां से मानद डॉक्टरेट प्राप्त की है.

महावीर पुन ने अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ नेब्रास्का से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है. उन्होंने वहां से मानद डॉक्टरेट प्राप्त की है.

पिछले सितंबर के #GenZRevolt के बाद उन्हें अंतरिम सरकार में शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री बनाया गया था, लेकिन जनवरी में चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने पद छोड़ दिया. इस सप्ताह उन्होंने म्यागदी-1 से करीब 23,000 वोट हासिल कर चुनाव जीता है. 

हरका सम्पांग राय, 43, श्रम संस्कृति पार्टी (एसएसपी)

हरका सम्पांग राय नेपाल की राजनीति और सोशल मीडिया में एक जाना-पहचाना नाम हैं. वह एक ब्रिटिश गोरखा सैनिक के बेटे हैं. उन्होंने स्नातक की पढ़ाई की और राजनीति में आने से पहले अंग्रेजी शिक्षक के रूप में काम किया.साल 2022 के स्थानीय चुनाव से पहले उन्होंने अकेले ही सड़कों पर अभियान चलाया और बाद में पूर्वी नेपाल के धरान शहर के मेयर चुने गए. मेयर बनने के बाद भी उन्होंने खुद खेतों में काम किया, पत्थर ढोए और नहर खोदकर धरान में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास किया.
जेन-जी विद्रोह के बाद वह प्रधानमंत्री या मंत्री बनने की उम्मीद में काठमांडू पहुंचे, लेकिन निराश होकर वापस लौटना पड़ा. इसके बाद उन्होंने मेयर पद से इस्तीफा दिया और श्रम संस्कृति पार्टी (SSP) नाम से नई पार्टी बनाई, जिसका चुनाव चिन्ह मिट्टी है. उन्होंने सुनसरी-1 से 35 हजार से अधिक वोट हासिल कर जीत दर्ज की.

सुदन गुरुंग, 36, RSP

सुदन गुरूंग जेन-Z विद्रोह के दौरान अचानक चर्चा में आए, जब उन्होंने खुद को जेन-जी नेता के रूप में पेश किया. वह कई बार नेपाल के शीर्ष अधिकारियों यहां तक कि प्रधानमंत्री सुशीला कार्की पर विभिन्न मांगों को लेकर दबाव बनाते दिखाई दिए.इस बात की जानकारी जब सार्वजनिक हुई कि गुरुंग के संगठन हामी नेपाल को अमेरिका से फंड मिला था. हामी नेपाल ने 2015 के विनाशकारी भूकंप के बाद आपदा राहत और आपातकालीन सहायता का काम किया. गुरुंग का जन्म पश्चिमी नेपाल के गोरखा जिले के हिमालयी गांव चुम-नुब्री में हुआ, जो माउंट मानस्लु के पास स्थित है. युवावस्था में उन्होंने इवेंट मैनेजर के रूप में काम किया था. माना जाता है कि भूकंप में अपने बच्चे को खोने के बाद उन्होंने सामाजिक सेवा का रास्ता चुना.

Latest and Breaking News on NDTV


जनवरी में उन्होंने आरएसपी प्रमुख रवि लामिछाने और काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह को चुनाव से पहले एकजुट होने के लिए मनाया. इसके बाद नेपाल की नई राजनीतिक ताकत का जन्म हुआ. उन्होंने गोरखा-1 से आरएसपी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और 24 हजार से अधिक वोट हासिल कर आगे चल रहे हैं. उम्मीद है कि वह नेपाली कांग्रेस के प्रेम कुमार खत्री को हरा देंगे.

जगदीश खरेल, 43

जगदीश खरेल भी नेपाल के प्रसिद्ध टीवी शो होस्ट में से एक रहे हैं. आरएसपी प्रमुख रवि लामिछाने की तरह, जो टीवी पर अपने तीखे सवालों के लिए जाने जाते थे. सितंबर 2025 में उन्हें सुशीला कार्की सरकार में संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री और सरकारी प्रवक्ता बनाया गया. लेकिन कुछ महीनों बाद उन्होंने आरएसपी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने के लिए पद छोड़ दिया. उनका जन्म और पालन-पोषण पूर्वी नेपाल के दोलखा जिले में हुआ, लेकिन उन्होंने ललितपुर-2 से चुनाव लड़ा और करीब 40 हजार वोट लेकर भारी जीत दर्ज की,  जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी नेपाली कांग्रेस से थे.

रंजु न्यौपाने, 30, आरएसपी

काठमांडू-1 में चुनाव प्रचार के दौरान रंजु न्यौपाने अपने नवजात बच्चे के साथ दिखाई दीं. इससे उनके समर्पण और बदलाव की इच्छा का संदेश मिला. उन्होंने सिर्फ 17 साल की आयु में बिबेकशील नेपाली पार्टी से राजनीतिक जीवन शुरू किया था. 21 साल की उम्र में उन्होंने काठमांडू के मेयर का चुनाव भी लड़ा. हालांकि वह तीसरे स्थान पर रहीं, लेकिन उन्हें काफी समर्थन मिली. हाल ही में उन्होंने आरएसपी ज्वाइन की.उन्होंने काठमांडू-1 में 15  से अधिक वोट लेकर बड़ी जीत हासिल की. उन्होंने नेपाली कांग्रेस के उम्मीदवार को भारी अंतर से हराया. उनकी जीत का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह 165 निर्वाचन क्षेत्रों में घोषित होने वाला पहला परिणाम था. इससे आरएसपी नेताओं और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई.

अमरेश कुमार सिंह, 55

अमरेश कुमार सिंह (पीएचडी) पिछले साल 24 अगस्त 2024 को सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे, जब उन्होंने अचानक संसद में अपनी शर्ट उतार दी और गुस्से में भाषण देने लगे. दरअसल, संसद अध्यक्ष ने दक्षिणी मधेश क्षेत्र से आए उस समय के निर्दलीय सांसद सिंह को बोलने का समय नहीं दिया था. इसके विरोध में उन्होंने प्रदर्शन करते हुए बोलना जारी रखा. इससे संसद में हलचल मच गई.

अमरेश कुमार  सिंह तीसरी बार प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए हैं. एक बार उन्होंने संसद में अपनी शर्ट निकालकर सनसनी नचा दी थी.

अमरेश कुमार सिंह तीसरी बार प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए हैं. एक बार उन्होंने संसद में अपनी शर्ट निकालकर सनसनी नचा दी थी.

दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से पढ़े सिंह नेपाल की सबसे पुरानी पार्टी नेपाली कांग्रेस में थे. वो उसके टिकट पर दो बार सांसद भी चुने गए थे. इस साल आरएसपी में शामिल होने के बाद उन्होंने सरलाही-4 सीट से चुनाव लड़ा. वहां उनका मुकाबला नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन थापा से था. लेकिन सिंह ने उन्हें  13 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हरा दिया. इस जीत के साथ वह तीसरी बार संसद में पहुंचने जा रहे हैं, वह भी बालेन शाह और रवि लामिछाने जैसे युवा और करिश्माई नेताओं के साथ.

(डिस्क्लेमर: सुरेंद्र फुयाल नेपाल के काठमांडू में रहने वाले एक स्वतंत्र पत्रकार हैं. वो समसामयिक मामलों, जलवायु, प्रकृति और संस्कृति आदि विषयों पर लेख लिखते रहते हैं. इस लेख में व्यक्त विचार लेखक के निजी हैं,उनसे एनडीटीवी का सहमत या असहमत होना जरूरी नहीं है.)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com