
गाजा में सुबह युद्ध विराम लागू होने से कुछ मिनट पहले हमास ने इजराइल की ओर रॉकेट दागे। इजराइल का कहना है कि ये रॉकेट रिहायशी इलाकों से दागे गए और इसी वजह से जवाबी कार्रवाई में आम नागरिक हताहत हो सकते हैं।
इस बीच एनडीटीवी की टीम यहां जिस होटल में ठहरी हुई है, उसके सामने ही हमने एक टेंट के भीतर एक रॉकेट बनते देखा। इसके कुछ ही मिनट यहां से रॉकेट दागे जाते हुए देखे गए। यह सबकुछ युद्घ विराम से कुछ देर पहले घटित हुआ।
इससे पहले चार अगस्त की सुबह साढ़े छह बजे हमने अपनी खिड़की से बाहर देखा, तो वहां होटल के सामने एक खुली जगह पर यह टेंट लगा देखा, जो पहले वहां नहीं था। हमने देखा कि तीन लोग कई बार इस टेंट से अंदर बाहर चक्कर लगा रहे थे। कभी-कभी उनके पास तारों का गुच्छा भी होता था। करीब एक घंटे बाद, उन्होंने टेंट हटाया, कपड़े बदले और वहां से चले गए।
अगली सुबह हमें 72 घंटों के युद्धविराम की खबर मिली, लेकिन इससे ठीक पहले हमारे होटल के सामने से रॉकेट दागा जा चुका था। वहां एक ज़ोरदार धमाका हुआ और फिर धुंए का गुबार उड़ता दिखा। हमारे कैमरापर्सन ने उस धुंए के गुबार को कैमरे में कैद कर लिया।
हमारे गाजा छोड़ने से पहले यह खबर एनडीटीवी पर दिखाई गई और हमारी वेबसाइट पर भी लगा दी गई। हमास उसकी ओर से रॉकेट दागे जाने की खबर को कभी स्वीकार नहीं करता, लेकिन जिस तरह से इजराइल द्वारा हमलों से हताहत गाजा के लोगों को दिखाना जरूरी था, उतना ही जरूरी यह दिखाना भी था कि किस तरह हमास खुद शहर की घनी आबादी के बीच से रॉकेट दाग रहा है।