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Exclusive: 7 बेड, वेंटिलेटर, लिफ्ट भी... ईरानी हमलों के बीच इजरायल में 'देवदूत' बन सड़कों पर दौड़ रहा अस्पताल

इजरायल के इस मोबाइल हॉस्पिटल के अंदर 7 बेड हैं. हर बेड के साथ वेंटीलेटर लगा है. यहां इलाज की वो तमाम सुविधाएं मौजूद हैं जो एक मरते हुए इंसान को नई जिंदगी दे सकती हैं.

Exclusive: 7 बेड, वेंटिलेटर, लिफ्ट भी...  ईरानी हमलों के बीच इजरायल में 'देवदूत' बन सड़कों पर दौड़ रहा अस्पताल

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध में जहां आसमान से मौत बरस रही है, वहीं इजरायल की सड़कों पर ऐसी बस दौड़ रही है, जो मौत के मुंह से जिंदगी छीन लाने में जुटी है. ये महज एक बस नहीं बल्कि पहियों पर चलता-फिरता आधुनिक अस्पताल है. इस मोबाइल हॉस्पिटल को अनहोनी की स्थिति में घायलों की मदद के लिए खासतौर से तैयार किया गया है. 

बस अस्पताल में सभी इमरजेंसी सुविधाएं

NDTV इंडिया के कंसल्टिंग एडिटर प्रदीप दत्ता ने इस इमरजेंसी इंटेंसिव केयर बस में मौजूद सुविधाओं पर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में बताया कि इस वाहन में वो सभी जरूरी सुविधाएं मौजूद हैं, जो किसी बड़े अस्पताल के इमरजेंसी में होती हैं. इस बस के अंदर का दृश्य किसी आधुनिक अस्पताल के आईसीयू से कम नहीं लगता. 

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वेंटलेटर के साथ मौजूद हैं 7 बेड 

इस मोबाइल हॉस्पिटल के अंदर 7 बेड हैं. हर बेड के साथ वेंटीलेटर लगा है. यहां इलाज की वो तमाम सुविधाएं मौजूद हैं जो एक मरते हुए इंसान को नई जिंदगी दे सकती हैं. 

लिफ्ट भी लगी है हॉस्पिटल बस में 

इस बस की एक बड़ी खासियत ये है कि इसमें हाइड्रोलिक लिफ्ट लगी है. इसके जरिए घायलों को इलाज के लिए बस के ऊपरी हिस्से में बने अस्पताल में लाया जाता है और इलाज किया जाता है. 

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4-5 मिनट में मौके पर पहुंच जाती है

किसी भी जगह हमला होने के तुरंत बाद इस मोबाइल हॉस्पिटल को मौके पर पहुंचा दिया जाता है. इसमें मौजूद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की टीम वहीं पर घायलों के इलाज में जुट जाती है. दावा है कि ये बस महज 4 से 5 मिनट के अंदर मौके पर पहुंच जाती है, जिससे घायलों को गोल्डन आवर में ट्रीटमेंट मिल जाता है और उनकी जान बचाने में बड़ी मदद मिलती है. 

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घायलों की जान बचाने में अहम

ईरान के भीषण हमलों के बावजूद इजरायल में हताहत लोगों की संख्या कम होने का क्रेडिट इस मोबाइल हॉस्पिटल को भी दिया जाता है. एक महीने से ज्यादा समय से चल रही जंग के बाद सिर्फ 20 लोगों की मौत हुई है. बताया जाता है कि हमले में कई घायलों को क्रिटिकल इंजरी थी, जिन्हें तुरंत इलाज उपलब्ध कराकर जानें बचाई गई हैं. 

घायलों की जान बचाने में सबसे बड़ी भूमिका समय पर इलाज मिलने की होती है. कई मौतें अक्सर अस्पताल पहुंचने में देरी की वजह से हो जाती हैं. इमरजेंसी इंटेंसिव केयर की सुविधाओं से युक्त इस बस में उन्हें शुरुआती इलाज देकर उन्हें स्टेबलाइज किया जाता है, फिर बड़े अस्पतालों में शिफ्ट किया जाता है.

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